सदी के महानायक अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bachchan) को रविवार को राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया. उन्‍हें यह‍ पुरस्‍कार राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किया. इस पुरस्‍कार से सम्‍मानित होने के बाद उन्‍होंने देश की जनता और समारोह में मौजूद लोगों को धन्‍यवाद दिया.

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार लेने के बाद अमिताभ बच्‍चन ने मजाकिया अंदाज भी दिखाया. उन्‍होंने धन्‍यवाद संबोधन के दौरान कहा ‘यह पुरस्‍कार देने की शुरुआत करीब 50 साल पहले हुई. मुझे बॉलीवुड इंडस्‍ट्री में काम करते हुए भी करीब 50 साल हो गए हैं. ऐसे में यह पुरस्‍कार की घोषणा के समय मेरे मन में यह बात आई कि क्‍या यह पुरस्‍कार देकर मुझे यह भी संकेत देना है कि भाई बस कर अब बहुत काम हो गया.’

बता दें कि पहले अमिताभ बच्‍चन को दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार 23 दिसंबर को राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार समारोह में दिया जाना था. लेकिन उस समय उन्‍हें बुखार होने के कारण वह इसमें शामिल नहीं हो पाए थे. इसकी जानकारी उन्‍होंने ट्विटर पर दी थी. बच्चन ने ट्वीट किया था, ‘‘बुखार है…! यात्रा की इजाजत नहीं है…दिल्ली में कल राष्ट्रीय पुरस्कार में शामिल नहीं हो पाउंगा…बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है…मुझे अफसोस है…।’’

इस पुरस्कार का नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के के नाम पर रखा गया है जिन्हें भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है. यह पुरस्कार 1969 में शुरू हुआ था. इस पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण कमल, एक शॉल और 10,00000 रुपये नकद प्रदान किए जाते हैं.

 

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