भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) 31 मार्च को भारत दर्शन ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान वाराणसी, प्रयागराज, आयोध्या व माता वैष्णो देवी के दर्शन कराएंगे। नौ दिन की इस यात्रा की शुरुआत इतवारी से होगी। भंडारारोड, गोंदिया, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और कटनी भी बोर्डिंग स्टेशन हैं। यहां से यात्रा कर सकते हैं।

आइआरसीटीसी एक साल बाद भारत दर्शन ट्रेन चला रही है। कोरोना के कारण 25 मार्च 2020 को कामाख्या यात्रा रद हो गई थी। इसके लिए पूरी सीटों की बुकिंग भी हो चुकी थी, लेकिन यात्रा रद होने के कारण यात्रियों को पूरा किराया रिफंड करना पड़ा। अब स्थिति सामान्य है और मार्च तक स्थिति और भी बेहतर होने की संभावना है। इसे देखते हुए ही इस यात्रा की योजना बनाई गई है।

इसके बाद स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया। दो दिन पहले ही वहां से हरी झंडी मिल गई है। इसके बाद आइआरसीटीसी ने तैयारी शुरू कर दी। ब्रोशर भी बनाए जाएंगे। जिन्हें स्टेशनों के अलावा ट्रेनों में चस्पा किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को जानकारी मिल जाएगी और वे इस यात्रा का लाभ उठा सकते हैं। भारत दर्शन ट्रेन आठ अप्रैल को लौटेगी।

स्लीपर कोच में बुकिंग कराने पर 9030 रुपये और एसी के लिए 10 हजार 920 रुपये का पैकेज तैयार किया गया है। संबंधित स्टेशनों तक पहुंचने के बाद तीर्थ स्थल लेकर जाने नानएसी बस और धर्मशाला के अलावा भोजन व नाश्ते की सुविधा भी इस पैकेज में शामिल है।

एक आइसोलेशन कोच भी होगा

यात्रा के दौरान कुछ शर्तें रखी गई हैं। इसमें यात्रा शुरू होने से पहले सभी यात्रियों को स्वस्थ होने का फार्म भरना होगा। इसके साथ ही ट्रेन में एक आइसोलेशन कोच भी होगा। यदि कोई सफर के दौरान बीमार पड़ता है तो सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें इसी कोच में रखा जाएगा। ट्रेन में एक एसी कोच के अलावा 15 स्लीपर कोच की सुविधा है। पांच साल से नीचे और 65 साल से अधिक उम्र के यात्रियों को सफर की अनुमति नहीं होगी।

Input: Nai Duniya

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD