कर्नाटक की बीजेपी सरकार ने वहां के उद्योगपतियों के साथ मिलकर बिहारी मजदूरों के खिलाफ बड़ी साजिश रची है. बिहारी मजदूरों की घर वापसी को उद्योगपतियों के इशारे पर रोक दिया गया है. ये आरोप बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लगाया है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहारी मजदूरों को घर वापस आने से रोका जा रहा है और यह सब कुछ इसलिए हो रहा क्योंकि बिहारी मजदूर वहां बंद हुआ की तरह रहकर काम करते रहें.
Karnataka CM can not dictate migrant workers, rubbishing their human rights & basic empathy!
Any move to treat them as bonded labourers/slaves will not be tolerated at all!
I request @NitishKumar to send a stern message to @CMofKarnataka on behalf of whole Bihar! https://t.co/yrbVdylqFv
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 6, 2020
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर कहा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री से वहां के उद्योगपतियों ने मिलकर अप्रवासी बिहारी श्रमवीरों की वापसी पर रोक लगवा दी. कर्नाटक की भाजपाई सरकार अप्रवासी बिहारी कामगारों के मानवाधिकारों और महामारी के दौर में बुनियादी सहानुभूति को धता बताते हुए उन्हें ज़बरदस्ती रोकने और बंधक बनाने का हुक्म जारी नहीं कर सकती है.
When Karnataka’s builders had more than 40 days to serve humanity by helping migrant workers with wages, rents & ration in testing times! They were abandoned & treated as lesser humans & burden on exchequer! And now to set the business rolling, they are being stopped to go home! pic.twitter.com/qcQAFMmnUm
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 6, 2020
तेजस्वी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहारी भाईयों को बंधुआ मजदूर या गुलाम मानने की भाजपाई सरकार की कोई भी हरकत बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. केंद्र सरकार, कर्नाटक सरकार और बिहार सरकार जहां तीनों जगह भाजपा की सरकार है, वहां से जो मज़दूर बिहार आना चाहते है, उनके लिए नियमित ट्रेनों का संचालन करें.
तेजस्वी ने पूरे बिहार की ओर से कर्नाटक सरकार को एक कठोर संदेश भेजने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि मुश्किल की घड़ी में पूँजीपतियों ने पिछले 40 दिनों तक गरीबों को अपने हाल पर छोड़ अमानवीय बर्ताव किया है. उन्हें वेतन, भोजन और रहने के लिए किराया तक नहीं दिया जा रहा है. पहले तो उन्हें बोझ समझा और अब व्यापार और उत्पादन शुरू करने के लिए उन्हें घर वापस जाने से रोका जा रहा है.
Input : First Bihar







