केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कोविड-टीके की दूसरी खुराक में अलग टीका दिया जाता है तो उसके उल्लेखनीय दुष्प्रभाव होने की आशंका नहीं है, लेकिन अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. दरअसल उत्तर प्रदेश में टीकाकरण के दौरान दर्जन भर से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की अलग-अलग डोज देने के सवाल पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि हमारा प्रोटोकॉल क्लीयर है कि टीकाकरण में एक ही वैक्सीन की दोनों खुराक दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और अगर ऐसा कहीं भी हुआ तो घबराने वाली कोई बात नहीं है.

विदेशों से वैक्सीन के आयात के सवाल पर वीके पॉल ने कहा कि सरकार अमेरिकी कंपनी फाइजर के साथ बात कर रही है और कंपनी ने अगले महीने वैक्सीन की निश्चित मात्रा उपलब्ध रहने की बात ही है. उन्होंने कहा कि संभावित तौर पर इसे जुलाई माना चाहिए और कंपनी की गुजारिश की समीक्षा की जा रही है.

वीके पॉल ने कहा कि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप में कमी आ रही है, हमारा मानना है कि पाबंदियों में सार्थक ढील देने पर भी यह परिपाटी बनी रहेगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 की जांच कई गुना बढ़ाई गई, लेकिन पिछले तीन सप्ताह से भारत में साप्ताहिक संक्रमण दर में लगातार गिरावट देखी जा रही है. पिछले हफ्ते से 24 राज्यों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 26 मई को देश में सबसे ज्यादा कोरोना टेस्ट किए गए और इनकी संख्या 22 लाख 17 हजार 320 थी. सरकार की ओर से कहा गया कि हर रोज संक्रमण से रिकवरी की दर बढ़ रही है और यह 85.6 प्रतिशत से 90 प्रतिशत हो गई है, जोकि एक सकारात्मक लक्षण है. मंत्रालय ने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर में भारत में कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या को लेकर दी गई जानकारी आधारहीन और झूठी है, उसके दावे सबूतों पर नहीं, बल्कि विकृत आकलन पर आधारित है.

Source : News18

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