एक जमाने में जब बिजली की चर्चा के क्रम में बिहार का नाम आता था तब हास्य की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। पर इस क्षेत्र में अब बिहार की उपलब्धि इस मायने में है कि इसके कई मॉडल को देश स्तर पर अपनाये जाने की बात चल रही है। इस क्रम में हाल की उपलब्धि स्मार्ट प्री पेड मीटर को लेकर है। बिहार के स्मार्ट प्री पेड मीटर का मॉडल अब हिमाचल प्रदेश अपनाएगा। इस बार में हिमाचल बिजली कंपनी के आला अधिकारियों ने बिहार की बिजली कंपनी के आला अफसरों के साथ बैठक की है। बिहार से अनुरोध किया गया है कि स्मार्ट प्री पेड मीटर के मामले में बिहार अपनी कंसलटेंसी सर्विसेस हिमाचल प्रदेश को उपलब्ध कराए। सहमति के बाद हिमाचल के अधिकारी इस बाबत बिहार आकर तकनीक के लिए करार करेंगे। पूर्व में ग्रामीण विद्युतीकरण के बिहार मॉडल को भी देश के स्तर पर लागू किया गया था।

देश में पहली बार बड़े स्तर पर बिहार में स्मार्ट प्री पेड मीटर
देश में पहली बार बड़े पैमाने पर बिहार में स्मार्ट प्री पेड मीटर लगाए जा रहे। केंद्र सरकार के प्रतिष्ठान इनर्जी इफिशिएंसी सर्विसेस लिमिटेड ने विशेष रूप से बिहार के लिए इस तरह के प्री पेड मीटर तैयार किए। अब तक 1.35 लाख स्मार्ट प्री पेड मीटर बिहार में लगाए जा चुके हैैं। अब शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर इसे लगाए जाने की प्रक्रिया आरंभ हुई है।

प्री-पेड और स्मार्ट प्री-पेड मीटर में अंतर
प्री-पेड मीटर का कांसेप्ट पुराना है। इसके तहत बिजली उपभोक्ता को उसके रिचार्ज के आधार पर बिजली की आपूर्ति होती रहती है। बिजली कंपनी के पास इसका कोई रिकार्ड नहीं रहता। वहीं स्मार्ट प्री-पेड मीटर में यह व्यवस्था भी रहती है कि बिजली कंपनी के सर्वर से भी यह जुड़ा रहता है जहां संबंधित उपभोक्ता का बिजली बिल भी तैयार होता रहता है। इससे बिजली कंपनी को बिजली के खपत का डाटा भी उपलब्ध होता रहता है। बिजली उपभोक्ताओं को उसके रिचार्ज के हिसाब का खपत अलर्ट भी मिलता रहता है।
Source : Dainik Jagran







