केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय विद्यालय (KV) एडमिशन में सासंदों के लिए मिले विवेकाधीन कोटे को रद्द कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के अनुसार, सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इस कोटे के तहत सांसदों को अपने क्षेत्र के केंद्रीय विद्यालय में एक सत्र में 10 छात्रों को प्रवेश दिलाने की अनुमति थी।

केंद्रीय विद्यालयों में सासंदों के इस कोटे को रद्द किए जाने के संबंध में शिक्षा मंत्रालय की अनुशंसा लागू हो चुकी है। मंत्रालय ने सिर्फ सांसदों के कोटे को रद्द किया है।

शिक्षा मंत्रालय की इस ओर इस संबंध में सांसदों खासतौर से राज्य सभा के सदस्यों को भी बताया जा रहा है कि उन्हें हर साल 10 बच्चों को एडमिशन कराने का अधिकार रहेगा। माना जा रहा है सांसद अधिकतर उन्हीं बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए कहते हैं जो गरीब या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के होते हैं।

यूपीए के शासन काल में शिक्षा मंत्री व सांसदों का कोटा रद्द कर दिया गया था लेकिन विपक्षी दलों के विरोध चलते इसे फिर से बहाल किया गया था। बाद में शिक्षा मंत्री को को मिल रहे कोटे को भी बहाल कर दिया गया था।

शुरू में केवी एडमिशन के लिए 6 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया था जिसे बाद में बढ़ाकर 10 कर दिया गया था। इसके अलावा शिक्षा मंत्री के पास भी एक अधिकार था कि सांसदों की गुजारिश पर विचार करने के बाद एडमिशन कुछ छात्रों को केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश दिला सके। लेकिन इस भी अब रद्द कर दिया गया है।

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