कोटा: कोटा में फंसे बिहार के छात्रों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. विपक्ष छात्रों को वापस लाने की मांग कर रहा है, तो सत्तापक्ष की ओर से लॉकडाउन के नियमों की दुहाई दी जा रही है और कहा जा रहा है कि केवल कोटा ही नहीं, अन्य बड़े शहरों में छात्र हैं. ऐसे में सरकार तमाम संभावनाओं पर चर्चा कर रही है. सब तय करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा.

राजस्थान के कोटा में कोचिंग पढ़ने गये छात्र अब अनशन करने लगे हैं. उनकी मांग है कि कोटा शहर में जिस तरह से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, उससे हमारी परेशानी बढ़ गयी है. हॉस्टल की मेस बंद हो रही है. हम परेशान हो रहे हैं. ऐसे में बिहार सरकार को हमें वापस बुला लेना चाहिये. अगर सरकार वापस नहीं बुला सकती, तो हमारे परिजनों को पास जारी कर दे, ताकि हम अपने घर पहुंच सकें. इस मुद्दे पर विपक्ष भी बच्चों के साथ है.
विपक्षी की मांग के बीच सरकार लॉकडाउन के नियमों की दुहाई दे रही है. जदयू नेता और सरकार में मंत्री जय कुमार सिंह का कहना है कि विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है. कोई फैसला लिया जाएगा. वहीं, बीजेपी नेता और मंत्री प्रमोद कुमार का कहना है कि मामला हाईकोर्ट में है. कोर्ट जो फैसला करेगी, उसे हम मानेंगे.

कोटा में रहनेवाले छात्रों की परेशानी ज्यादा इसलिए बढ़ती जा रही है, क्योंकि यूपी, मध्यप्रदेश, गुजरात, असम जैसे राज्यों ने अपने बच्चों को वापस बुला लिया है. अब ज्यादातर बिहार के छात्र ही कोटा में फंसे हैं. ऐसे में छात्रों की परेशानी बढ़ती जा रही है. वो कोटा में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से भी परेशान हैं और बिहार सरकार से गुहार लगा रहे हैं. अब देखना है कि बिहार सरकार किस तरह से बच्चों की मदद को आगे आती है.
Input : Zee Bihar






