कोविड की दूसरी लहर के बाद अब ब्लैक फंगस यानी म्यूकोरमाइकोसिस का कहर शुरू हो गया है। अकेले पटना में पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एम्स के साथ निजी अस्पतालों में 50 से ज्यादा मरीज इस बीमारी से ग्रसित होकर भर्ती हुए हैं। कोविड के साथ डायबिटीज के मरीजों के लिए यह जानलेवा साबित हो रहा है।

आईजीआईएमएस में 20, एम्स में लगभग 16, पीएमसीएच में सात के अलावे रूबन, पारस और बिग हॉस्पीटल में भी इस बीमारी से संक्रमित कई मरीज भर्ती हैं। पीएमसीएच के ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनीत सिन्हा ने बताया कि यह विशेष प्रकार का फंगल इंफेक्शन है जो व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है।

यह संक्रमण नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े अथवा चमड़े पर भी हो सकता है। इससे आंखों की रौशनी जा सकती है तो कुछ मरीजों के नाक और जबड़े की हड्डियां गल जाती है और दांत टूटने लगती हैं। एम्स पटना के न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास झा ने बताया कि यह बीमारी तब खतरनाक रूप ले लेती है, जब यह नाक के रास्ते दिमाग में प्रवेश करती है। उस समय यह काफी जानलेवा हो जाती है और 95 प्रतिशत केस में मरीजों के बचने की संभावना नहीं रहती है। कहा कि शुरुआती पहचान और समय पर सर्जरी और दवाइयों का इस्तेमाल ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर विकल्प है।

Input: Live Hindustan

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