कोरोना संक्रमण (Corona) के साथ साथ कोरोना से होने वाली मौत के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं. राजधानी रांची की स्थिती बेहद ही खराब हो चुकी है. जिसके बाद श्मशान में भी वेटिंग लिस्ट मिल रही है. ऐसा ही नजारा रविवार को हरमू मुक्ति धाम स्थित गैस आधारित श्मशान गृह और घाघरा घाट पर नजर आया.

दरअसल, हरमू स्थित मुक्तिधाम में गैस आधारित शव दाह गृह में ही कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद उनके शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. ऐसे में शवदाह गृह के बर्नर खराब होने की वजह से यहां दर्जनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए रविवार को 12 घंटे से अधिक समय तक एम्बुलेंस में ही इंतजार करना पड़ा. वहीं, 12 घंटे से अधिक इंतजार के बाद प्रशासन के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर एक साथ 12 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार नामकुम स्थित स्वर्ण रेखा नदी के किनारे घाघरा घाट पर किया गया.

हरमू मुक्ति धाम

इस शवदाह गृह के बर्नर का मरम्मती का काम पूरा नहीं किया गया है. टेक्नीशियन अभी भी उसे मरम्मत करने में जुटे हुए हैं. दिल्ली के टेक्नीशियन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मदद ली जा रही है ताकि जल्द से जल्द इन्हें चालू किया जा सके. ऐसे में लोगों को अब जागरूक होना पड़ेगा लोगों की लापरवाही दूसरों और खुद की जान पर भारी पड़ सकती है. कोरोना ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है और अब घाटों पर चिता की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है.

घाघरा घाट

अब स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि मौत का शिलशिला रुक नहीं रहा है अभी भी आधे दर्जन से अधिक शवों को नामकुम स्थित घाघरा घाट पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है. एंबुलेंस की लम्बी लाइन लगी हुई है. सभी अस्पतालों से संक्रमित मरीजों की मौत के बाद इसी घाट पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है.

ऐसे में लोगों को अब जागरूक होना पड़ेगा लोगों की लापरवाही दूसरों और खुद की जान पर भारी पड़ सकती है. कोरोना ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है अब घाटों पर चिता की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है.

Input: Zee Media

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