सनसनीखेज खुलासा! बिहार में पटना में जालासाजों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के खाते से निकाले 28 करोड़ रुपये। जालसाजों ने कोटक महिंद्रा के बोरिंग रोड ब्रांच में घटना को अंजाम दिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ब्रांच मैनेजर सुमित सिंह सहित तीन कर्मियों को शुक्रवार की रात उठा लिया। देर रात तक उनसे पूछताछ होती रही। शनिवार को सुमित की तबीयत खराब हो गयी और वह बार-बार बेहोश होने लगा। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो अन्य कर्मियों से पूछताछ जारी है।

जब जांच आगे बढ़ी तो 28 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा हुआ
सूत्रों की मानें तो पुलिस को यह खबर मिली थी कि सुमित इस बाबत काफी कुछ जानता है। उसके ठीक होने के बाद दोबारा पूछताछ की जायेगी। बैंक के स्तर से भी आंतरिक जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि दो जनवरी को कोटक महिंद्रा बैंक के गांधी मैदान स्थित ब्रांच से आरटीजीएस द्वारा 11 करोड़ 73 लाख निकालने की कोशिश करने का मामला सामने आने के बाद जब जांच आगे बढ़ी तो 28 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा हुआ। ये पैसे एक निजी कंपनी सहित अन्य के खातों में डाले गये हैं। पुलिस ने गांधी मैदान स्थित बैंक के मैनेजर से भी पूछताछ की है। छानबीन के सिलसिले में शनिवार को एसएसपी उपेंद्र शर्मा के साथ कई पुलिस अफसर गांधी मैदान थाने पहुंचे और मामले की जानकारी ली। बैंक के कई बड़े अधिकारियों से भी गांधी मैदान थाने में जानकारी ली गई।

जिन खातों में राशि भेजी गई, उन्हें फ्रीज किया गया
एक पुलिस अफसर की मानें तो कोटक महिंद्रा बैंक से जालसाजों ने आरटीजीएस के माध्यम से दूसरे बैंकों के खातों में दस करोड़ से अधिक रुपये ट्रांसफर किये गये हैं। लेकिन जांच के दौरान जिन बैंकों के खातों में एनएचएआई की राशि ट्रांसफर की गई है उन्हें फ्रीज कर दिया गया है। जालसाज उन खातों से रुपये नहीं निकाल सकते।

एनएचएआई का फर्जी लेटर का किया इस्तेमाल 
इतनी बड़ी जालसाजी करने में ठगों ने एनएचएआई का फर्जी लेटर भी इस्तेमाल किया है। दरअसल आरटीजीएस के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करवाते वक्त जालसाज बैंक को एनएचएआई का फर्जी लेटर भी देते थे। उसमें रुपये का भुगतान करने से संबंधित बातें लिखी होती थीं।

भागने के फिराक में थे मैनेजर सहित कई कर्मी 
इस मामले में एक और बात सामने आ रही है। बैंक मैनेजर सुमित सहित कई कर्मी अंडरग्राउंड होने की फिराक में थे। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पूर्व में कोटक बैंक से पकड़े गये जालसाज शुभम ने पुलिस को अहम जानकारी दी है, जिससे मामला परत दर परत खुलता चला गया।

भू अर्जन और एनएचएआई के कर्मियों से भी होगी पूछताछ
इस मामले में पुलिस टीम भू अर्जन और एनएचएआई के कर्मियों से भी पूछताछ करेगी। सूत्र बताते हैं कि इतनी बड़ी रकम की लेन-देन मामले में जांच की आंच कुछ और लोगों तक पहुंच सकती है।

ऐसे खुला था मामला 
दो जनवरी को गर्दनीबाग थाना इलाके के चितकोहरा पुल का रहने वाला शुभम एग्जीबिशन रोड स्थित कोटक महिंद्रा बैंक पहुंचा और वहां उसने जिला भू अर्जन विभाग के सरकारी खाते से 11 करोड़ 73 हजार आरटीजीएस करने की कोशिश की। रुपए एक फर्म के नाम पर आईसीआईसीआई बैंक में डाले जाते। लेकिन इससे पूर्व ही बैंक कर्मियों को शक हो गया और उन्होंने जिला भू अर्जन पदाधिकारी से संपर्क किया। उन्होंने मेल के जरिए यह जानकारी दी कि किसी तरह की रकम आरटीजीएस करने की अनुमति नहीं दी गई है। इस बैंक कर्मियों ने गांधी मैदान थाने को खबर कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जालसाज शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मामले की छानबीन शुरू की गयी तो और भी रुपये निकलने की बात सामने आयी।

– मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है। तकनीकी तरीके से भी पुलिस अनुसंधान कर रही है।
– संजय सिंह, आईजी रेंज, पटना 

Input: Live Hindustan

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