गया में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस कर लालू यादव और तेजस्वी यादव पर खूब बरसे. संबित पात्रा ने कहा कि जिस तरह लालू प्रसाद यादव अपने मुख्यमंत्री काल में बिहार की भोली-भाली जनता से जमीन हड़प कर अकूत संपत्ति बनाया. आज ईडी उन संपत्तियों को जब्त कर रही है. आज एक बार फिर तेजस्वी यादव अपने पिता के नक्शे कदम पर चलकर बिहार की भोली भाली जनता को 10 लाख नौकरी देने का झांसा देकर बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के विकासशील देश और बिहार का तस्वीर है तो दूसरी तरफ कांग्रेस , आरजेडी और वामपंथी विचारधाराओं का जमावड़ा है. भ्रष्टाचार बेरोजगारी और अराजकता का पर्याय बन चुका लालू यादव के शासनकाल की छवि आज तेजस्वी में दिखती है. बिहार की जनता बड़ी अच्छी तरह से समझती है कि आज बिहार को विकास के रास्ते पर कैसे ले जाना है. जिस पार्टी में बम ब्लास्ट के आरोपी आफताब आलम को टिकट दिया जाता है, जिस पार्टी में जिन्ना को आदर्श मानने वाले को चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया जाता है, ऐसी पार्टी की ऑडियोलॉजी क्या होगी और देश को किस ओर ले जाएगा , यह सभी जानते हैं.

बिहार की भोली-भाली जनता 10 वर्ष कांग्रेस को झेली है और 15 वर्ष राष्ट्रीय जनता दल की भ्रष्ट सरकार को. जिस सरकार में चारा घोटाला और अलकतरा घोटाला आदर्श बना हो, वैसे सरकार से बिहार के विकास की कैसे परिकल्पना की जा सकती है? पात्रा ने कहा कि वर्ष 90 की दशक से लेकर 2005 तक तत्कालीन सरकार ने 95 हजार नौकरियां दी थी. लालू और कांग्रेस के शासनकाल में सरकारों ने बिहार में अपहरण बलात्कार और लूट का इंडस्ट्री लगाया था. दिन के उजाले में बिहार की जनता सड़कों पर निकलने से डरती थी. महिलाएं घर में भी सुरक्षित नहीं थी.
संबित पात्रा ने आगे कहा कि उस समय सड़कों की बात तो छोड़िए, बिहार की पवित्र भूमि को बदनाम करने की कोशिश लालू और कांग्रेस की सरकार ने की है. 25 वर्षों के इतिहास में कांग्रेस और लालू यादव ने मिलकर बिहार को रसातल में धकेल दिया. बिहार में एक तरफ नीतीश कुमार और मोदी जी का चेहरा है लेकिन दूसरी तरफ कौन है? यह बिहार की जनता नहीं समझ पा रही है. मतलब साफ है कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के सामने बिहार में फिलहाल कोई चेहरा साफ नहीं है. हर हाल में विकल्प नीतीश कुमार ही है.
Source : Live Cities






