संसद द्वारा पास किए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से सटी हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा पर किसानों का आंदोलन जारी है। जैसे-जैसे मार्च का महीना बीत रहा है दिल्ली के तामपमान में भी इजाफा हो रहा है। इसे देखते हुए किसान अब अपने लिए धरना स्थल पर स्थाई ढांचे का निर्माण करने लगे हैं। इतना ही नहीं वे यहां पर एसी और कूलर लगाने के बारे में भी सोच रहे हैं।
#FarmersProtest | दिल्ली के #TikariBorder पर किसान ईंट और सीमेंट से बना रहे हैं पक्के मकान, बता रहे हैं परिमल कुमार pic.twitter.com/GbqDaOd7rc
— NDTV India (@ndtvindia) March 12, 2021
किसान नेता मंजीत सिंह राय ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, ”किसान गर्मी से बचने के लिए घरना स्थल पर घर बना रहे हैं। हम बुजुर्गों और महिलाओं के लिए इनमें एसी भी लगाएंगे। स्थानीय SHO ने उच्च अधिकारियों के दबाव को कारण कल कुंडली में निर्माण को रोकने की कोशिश की।”

इससे पहले किसान सोशल आर्मी के अनिल मलिक ने कहा, ”ये घरें किसानों की इच्छाशक्ति के जैसे ही मजबूत और परमानेंट हैं। अब तक 25 घर बनाए गए हैं और आने वाले दिनों में ऐसे 1000 से 2000 घरों का निर्माण किया जाएगा।”
टिकरी बॉर्डर पर जो घर बनाए गए हैं, वह एक आम कमरे की तरह हैं। इसमें कूलर और पंखे के साथ-साथ खिड़की की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि, घरों की छत की सीमेंट-बालू से ढलाई नहीं हुई है, बल्कि ऊपर पराली और घास-फूस की छत बिछाई गई है, ताकि गर्मी से राहत मिले।
आपको बता दें कि नंबर के अंत से ही नए कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। सर्दी के दिनों में किसानों टेंट डालकर डटे रहे, मगर गर्मी को देखते हुए उनकी तैयारी भी जारी है।
Input: Live Hindustan








