बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान में महज कुछ दिन ही बचे हैं. चुनाव को लेकर प्रचार भी धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है. जहां तमाम राजनीतिक पार्टियां विकास के वादे के साथ वोट मांग रही है, वहीं कई इलाकों से वोट बहिष्कार की भी बाते सामने आ रही. ऐसा ही एक मामला घोसी विधानसभा क्षेत्र हड़हड गांव में देखने को मिल रहा है.
इस गांव के लोगों ने कहा कि उन्होंने बचपन से गांव में सड़क नहीं देखी. अब नेता हमारे यहां से वोटिंग भी नहीं देखेंगे. जहां विकास नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने गांव के बाहर वोट बहिष्कार का बैनर लगा वोट नहीं करने की बात कर रहे है. जहानाबाद के हड़हड गांव में मूलभूत सुविधाएं अभी तक नहीं पहुंची हैं. इसे लेकर ग्रामीणों ने इस बार चुनाव में वोट नहीं करने की बात कर रहे है.
ग्रामीणों का कहना है 3000 की आबादी वाले इस गांव में सड़क, स्वास्थ जैसी मूलभूत सविधाएं नहीं हैं. हर बार चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते है. जीत जाने के बाद सारे वादे भूल जाते है, जिसके कारण आज तक इस गांव में पक्की सड़क तक नहीं है. एक ग्रामीण ने बताया कि बचपन से लेकर मैं आज 40 साल का हो गया हूं लेकिन सड़क कल भी कच्ची थी और आज भी कच्ची है.
सड़क और स्वास्थ्य की सुविधा नहीं रहने के कारण के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव में कोई भी व्यक्ति बीमार हो जाए तो खाट का सहारा लेना पड़ता है. इन्ही मुद्दों को लेकर हम सभी ग्रामीणों ने इस बार वोट नहीं करने का निर्णय लिया है. जिला प्रशासन वोट करने को लेकर जोर-शोर से मतदाता जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन ऐसे में वोट बहिष्कार की बातें सरकार और प्रसाशन के इस अभियान के लिए मुसीबत बनी है
Input: Aaj Tak







