शहर में स्वच्छता अभियान की याेजनाओं में बड़े पैमाने पर सरकारी राशि की बंदरबांट की गई है। योजना का काम कराए बगैर रुपए की निकासी कर ली गई है। एक ऐसा ही मामला नगर निगम में सामने आया है। ब्रह्मपुरा इलाके के किलाबांध राेड में सामुदायिक शौचालय निर्माण का काम पूरा नहीं कराया गया लेकिन नगर निगम के ठेकेदार ने रुपए की निकासी कर ली।

इस तरह कम्युनिटी शौचालय के निर्माण के नाम पर 7 लाख 49 हजार 885 रुपए का गबन हाे चुका है। यह मामला तत्कालीन नगर आयुक्त के कार्यकाल का बताया जा रहा है। वर्तमान नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेयी ने इसे पकड़ा है। उन्होंने जांच के बाद ठेकेदार काे कई बार काम कराने या रुपए लौटाने का नोटिस भेजा। ठेकेदार ने संज्ञान नहीं लिया।

तब उन्होंने मामले में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। इस तरह नगर आयुक्त के आदेश पर नगर निगम के जूनियर इंजीनियर राजकुमार पासवान ने ठेकेदार राहुल राज के खिलाफ ब्रह्मपुरा थाने में शौचालय निर्माण के नाम पर गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपित ठेकेदार पारू थाने के माेहजम्मा निवासी बताया जा रहा है। इसमें तत्कालीन जूनियर इंजीनियर प्रमाेद कुमार की भूमिका भी संदिग्ध है।

निगम क्षेत्र में नहीं बने आधा दर्जन से अधिक शौचालय
केवल किला बांध राेड में ही सामुदायिक शौचालय नहीं बनना है। नगर निगम अब तक आधा दर्जन से अधिक सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा नहीं करा पाया है। सामुदायिक शौचालय के बगैर शहर काे अब तक ओडीएफ घोषित किए जाने का सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है। वर्तमान नगर आयुक्त पर सभी सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा कराने का टार्गेट सौंपा गया है।
Source : Dainik Bhaskar


