एक तरफ चुनाव टिकट की समस्या और दूसरी तरफ इनकम टैक्स विभाग की नोटिस, ऐसे में आदमी करें तो क्या करें। ऐसे में एक नेता अपनी विवश्ता जनता के सामने लाने के अलावे कर ही क्या सकता है, लोकतंत्र में जनता ही मालिक है।
टिकट की जद्दोजहद ऐर इनकम टैक्स की नोटिस के बीच फंसे हैं राजद नेता सुजीत सिंह परमार। नेताजी ने अपनी परिस्थिति का हवाला देते हुए कहा, चुनाव सिर पर सवार है, और इनकम टैक्स विभाग सरपर । यह हमें परेशान करने की साजिश हो रही है, ताकि चुनाव में लड़कर जनता का भला न कर सकें।

मासला यह है कि नेता सुजीत सिंह परमार से इनकम टैक्स विभाग ने 2018-2019 में किए गए 33 लाख 29 हजार रुपए कैश डिपॉजिट के बारे में खर्च का हिसाब मांगा है। इसके अलावे वह 2019-20 के लिए आईटीआर भी नहीं भरें है, जिसके बाद इनटम टैक्स विभाग ने राजद नेता को नोटिस जारी किया है। इनकम टैक्स विभाग ने कहा, कि वह 30 सितंबर तक अपना आईटीआर दर्ज कराए।
इसके बारे में राजद नेता ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय में जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। मेरा काम फाइनेंस और बिल्डर का है। मुझसे दो साल पहले का लेखाजोखा मांगा जा रहा है। जबकि वह मार्च में ही वह सारी प्रक्रिया को पूरी कर चुके हैं। राजद नेता को भावी उम्मीदवार बताया जा रहा है, लेकिन नोटिस ने उनकी नींद गायब कर दी है।





