छपरा. “सॉरी मां, सॉरी पापा, इस पाप को गंगा जल से भी नहीं धो पाऊंगी, इसलिए सभी को गुड बाय” 16 साल की आरती ने अपने सुसाइड नोट में कुछ ऐसा लिखा कि पूरे परिवार में हड़कंप मच गया. आरती के साथ गांव के ही मनचलों ने कथित रूप से गलत काम किया जो आरती बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने बीती रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

नाबालिग द्वारा आत्महत्या किये जाने की ये घटना बिहार के सारण जिला के तरैया थाना के पिपरा गांव की है. आरती बेसिक स्कूल पोखरा में आठवीं कक्षा की छात्रा थी. पड़ोस में उसके चाचा की मृत्यु हो गई थी जिसे देखने घर के सभी सदस्य घर से बाहर थे, तभी उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. दरअसल आरती के साथ रास्ते में दो मनचलों ने छेड़खानी की घटना को अंजाम दिया था जिसके कारण वह काफी परेशान थी, लिहाजा उसने एक सुसाइड नोट लिखा और खुद को फांसी के फंदे पर लटका दिया.

16 साल की आरती ने इस घटना के बाद कोई सवाल खड़े कर दिये हैं कि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कितना सतर्क है. बीच सड़क पर आरती के साथ छेड़खानी की गई लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. जानकारी के मुताबिक लड़की को उसी गांव के नीरज राम और भूषण राम मिलकर काफी समय से परेशान कर रहे थे. घटना के एक दिन पूर्व रास्ते में लड़की के साथ दोनों ने मिलकर छेड़खानी की घटना को अंजाम दिया जिसके बाद लड़की डिप्रेशन में चली गई और उसने आत्मघाती कदम उठाया.

लड़की के पिता माधो राम के बयान पर इस घटना के बाद तरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है हालांकि अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. नाबालिग द्वारा आत्महत्या की इस घटना से इलाके के लोग भी सकते में हैं.
Source : News18



