अब तक चिराग पासवान घर से ही राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे ले रहे थे, लेकिन अब यह इंतजार जल्द ही समाप्त होनेवाली है। अब चिराग पासवान अपनी चुनावी सभा 21 अक्टूबर से शुरु करने जा रहे है।
बता दें कि पिता रामविलास पासवान की लंबी बीमारी और फिर उनकी मृत्यु के चलते अभी तक चिराग पासवान बाक़ी नेताओं की तरह चुनाव प्रचार में सीधे तौर पर नहीं उतर सके हैं।

अब तक की घटनाक्रम पर गौर करें तो चिराग पासवान नीतिश कुमार से खासे नाराज चल रहे हैं। और उनके कामों की पोल खोलते नजर आएंगे, ऐसा देखने को मअल रहा है।
वहीं नीतीश कुमार की अगर बात करें तो अपनी चुनावी रैलियों और भाषणों में नीतीश कुमार लगातार अपने 15 साल के शासन काल बनाम लालू – राबड़ी के 15 साल के आधार पर लोगों से वोट मांग रहे हैं।
जबकि चिराग पासवान अब नीतीश कुमार को उनके 15 साल के कामकाज के आधार पर नहीं , बल्कि पिछले पांच साल में किए गए काम के आधार पर चुनौती देने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए नीतीश कुमार सरकार की ओर से पिछले पांच सालों में किए गए कामों का हिसाब मांगा जाएगा।






