मैट्रिक का होनहार छात्र रोहित (16) परीक्षा देते हुए मौत से हार गया। वह पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहता था, इसीलिए तेज बुखार होने के बावजूद परीक्षा देने चला गया। रास्ते में एक बार बेहोश भी हो गया, फिर भी रुका नहीं कि कहीं साल बर्बाद न हो जाए।

रोहित बिहारशरीफ के आदर्श हाईस्कूल परीक्षा केंद्र पर पहुंचा था। उसकी तबीयत ठीक न होने के कारण परीक्षा में बैठने नहीं दिया जा रहा था। परीक्षा केंद्र से जिला नियंत्रण कक्ष को भी इसकी जानकारी दे दी गई। वहां से फिर रोहित के परिवार को सूचना दी गई। इस पर उसकी मां परीक्षा सेंटर पर आईं और गुजारिश करने लगीं कि बेटे की बहुत ज्यादा इच्छा है, इसलिए उसे परीक्षा देने दिया जाए।

पेपर के दौरान ही उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उसे फौरन अस्पताल भिजवाया गया। मां भी साथ गईं। हॉस्पिटल में मां के सामने ही बेटे ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। डॉक्टरों ने कहा कि रोहित अस्थमा का पेशेंट था। उसे बुखार था और कुछ नहीं।

बेटे की जान जाने पर मां बदहवास हो गई। बेटे का सिर गोद में लेकर बैठी रही। शव रिक्शे में रखकर घर ले गई। तेल्हाड़ा के राडिल गांव में रहने वाला रोहित मैट्रिक परीक्षा के लिए दोस्तों के साथ बिहारशरीफ पहुंचा था।

दोस्त ले जा रहे थे अस्पताल, लेकिन नहीं माना
परिवार ने बताया कि गुरुवार रात से ही रोहित की तबीयत बिगड़ गई थी। शुक्रवार को जब वह परीक्षा देने जा रहा था, उस वक्त भी वह रास्ते में बेहोश हो गया। दोस्तों ने जब अस्पताल ले जाने की बात कही तो उसने मना कर दिया और परीक्षा देने चला गया। रोहित का एक बड़ा भाई और एक बहन हैं। बड़ा भाई राहुल दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है।

Input: Dainik Bhaskar

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