PATNA : बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार के बाहर फंसे लाखों मजदूरों को उनके घर वापस लाने के लिए बिहार सरकार को नसीहत दी है। पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार के स्पष्टीकरण के बाद कि लॉकडाउन में वे कोटा या देश के किसी भी हिस्से में फंसे बिहारियों को वापस नहीं ला सकते इस पर तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर पलटवार किया है। जबाव में जेडीयू भी सामने आयी है।

तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि

तेजस्वी के ट्वीट पर जेडीयू ने पलटवार किया है। जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि

जो हर मुश्किल में बिहार से दूर है

आपदा के समय करता वो मस्ती का टूर है.!

कुछ अपनी भी फर्ज निभाओ,जिस चार्टेड प्लेन में जन्मदिन मनाए थे अरे भाई,

कम से कम उसी से तो बिहार वापस आओ..!!

दरअसल इस वार पलटवार का दौर तब शुरु हुआ जब कोरोना के संकट के बीच बिहार से बाहर फंसे लोगों को वापस लाने से नीतीश सरकार ने हाथ खड़े कर दिए। नीतीश सरकार ने साफ साफ कह दिया है कि वो बिहार से बाहर फंस गये लोगों को वापस बिहार नहीं लाया जा सकता। नीतीश सरकार ने कोटा में फंसे बिहारी छात्र-छात्राओं को भी वापस लाने से इंकार कर दिया है। हालांकि सरकार ने दावा किया है कि बाहर फंस गये सारे बिहारियों को खाना, राशन के साथ साथ नगद रूपये पहुंचा दिया है।

बता दें कि हाईकोर्ट ने लॉकडाउन में बिहार से फंसे बिहारियों को लेकर सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। राज्य सरकार ने  पटना हाई कोर्ट के महानिबंधक कार्यालय को स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव अमृत प्रत्यय ने पटना हाई कोर्ट के महानिबंधक को पत्र संख्या 1438 /डीएम  दिनांक 22 -4- 2020 के जरिये हाई कोर्ट प्रशासन को यह जानकारी दी कि  लॉक डाउन में 17 लाख से भी अधिक बिहारी राज्य के बाहर फंसे पड़े हैं। लॉक डाउन का  कानून व केंद्र  सरकार के गाइडलाइन का सख्त अनुपालन राज्य सरकार कर रही है जिसके तहत फंसे हुए किसी नागरिक  को भी लॉक डाउन अवधि में बिहार  वापस नही लाया जा सकता है।

Input : First Bihar

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