अररिया के फारबिसगंज आदर्श थाना परिसर स्थित दारोगा विमल मंडल के आवास से सरकारी पिस्टल और गोलियों से भरा मैगजीन चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना रविवार की देर रात की बताई गई है।
पीड़ित दारोगा को इसकी जानकारी सोमवार की सुबह हुई। पिस्टल चोरी की खबर के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस पिस्टल की बरामदगी में जुट गई है। संदिग्ध ठिकानों में छापेमारी की जा रही है। बता दें कि फारबिसगंज थाना परिसर व इंस्पेक्टर कार्यालय के पीछे पुलिस पदाधिकारियों के लिए बने मकान के एक फ्लैट में 2011 बैच के एसआई बिमल मंडल रह रहे हैं।
बताया गया कि दारोगा बिमल मंडल रात में कमरा लगाकर सो रहे थे लेकिन सोमवार की सुबह जगे तो उनके कमरे का दरवाजा खुला था। सूटकेस भी खुला था। सुटकेस से सरकारी पिस्टल सहित कुछ रुपये गायब थे। पिस्टल का मैगजीन गोली से भरा हुआ था। जानकारी मिलते ही डीएसपी मनोज कुमार घटनास्थल पर पहुंचे।
इसके बाद मामले के उद्भेदन में पुलिस सक्रिय हो गई है। थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि दारोगा विमल मंडल की सरकारी पिस्टल उनके निवास स्थान से रविवार की रात चोरी हो गई है। इसकी जानकारी सोमवार की सुबह मिलने के बाद पुलिस खोजबीन में लगी हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि स्थानीय थाना में पदस्थापित एसआई बिमल मंडल की सरकारी पिस्टल चोरी हो गई है। मामले की जांच की जा रही है बरामदगी की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि कौन-कौन से लोगों का उनके कमरे में आना-जाना था। दारोगा कमरा खोलकर सोया था या बंद था। एक साथ कई मामलों को खंगाला जा रहा है। डीएसपी ने कहा कि जल्द ही मामले को सुलझने की उम्मीद है। खास बात यह कि मकान में कुल चार फ्लैट में चार पुलिस पदाधिकारी रहते हैं। इसमें एक थानाध्यक्ष भी शामिल हैं।
ये अररिया में सुरक्षाकर्मियों की पिस्तौल चेारी होने घटना
2000 में भारत-नेपाल सीमा के जोगबनी स्थित सीमा शुल्क कार्यालय से 9 मिमी पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस चुराए गए थे। 2004 में फिर से एक एसएमजी कार्बाइन को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 19 वीं बटालियन से चुराया गया था और जोगबनी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। 2005 में फिर से एक रिवाल्वर रहस्यमय तरीके से फुलकाहा पुलिस स्टेशन के स्टोरहाउस (मालखाना) से गायब हो गई। 2007 में अपराधियों ने फारबिसगंज स्थित यूको बैंक के सुरक्षा अधिकारी से एक बंदूक लूटी थी और 2016 में बीरपुर-बथनाहा रोड पर फारबिसगंज के व्यवसायी से 14 जिंदा कारतूस के साथ एक लाइसेंसी रिवाल्वर लूट लिया था। हैरानी की बात है कि पुलिस ने अभी तक पांच घटनाओं में से किसी को भी सॉल्व नहीं किया है।
इस बीच पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है और पिछले एक महीने के दौरान पुलिस स्टेशन का दौरा करने वाले लोगों के बारे में जानने की कोशिश कर रही है।
Input : Live Hindustan







