जिलाधिकारी ने आकस्मिक, आवश्यक वस्तुओं एवं वाहनों को छोड़कर 10 से 12 दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया। ताकि कोरोना का चेन तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन के बदले कंटेनमेंट जोन बनाने की बात कही। कहा – दरभंगा बाढ़ प्रभावित जिला है और बाढ़ निरोधक कार्य एवं बाढ़ राहत कार्य में 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के बहुत सारे कर्मी लगाए जाते हैं। उनका टीकाकरण किया जाना अपेक्षित है। जिले में 82 रेमडी शिविर उपलब्ध हैं।

दरभंगा जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा है कि दरभंगा में ऑक्सीजन गैस आपूर्ति का प्लांट है। इसलिए यहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन गैस उपलब्ध हैं। एक अप्रैल के बाद जिले में 381 कोरोना संक्रमित मिले हैं। अन्य राज्य से आने वाले लोगों का सर्वे कराया गया है। वैसे 359 गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां कोरोना की जांच कराई जा रही है। आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट 24 से 36 घंटे के अंदर मिल जाती है। डीएमसीएच में ऑक्सीजन युक्त 120 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। आइसीयू में 07 बेड उपलब्ध हैं।

डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल 200 बेड का परीक्षा भवन में बनाया गया है, जिनमें 100 बेड ऑक्सीजन युक्त है। जिले के 18 में से 14 प्रखंडों में कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। जहां कुल 388 बेड उपलब्ध हैं जिनमें 119 ऑक्सीजन युक्त हैं। जिले के 16 प्रमुख निजी अस्पतालों को भी कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए डीएमसीएच से संबद्ध किया गया है। जिनमें 314 बेड ऑक्सीजन युक्त व 38 बेड वेंटीलेटर युक्त हैं। शहरी क्षेत्र के 36 वार्डों में कोरोना का संक्रमण है, जहां शिविर लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है।
Input: Daily Bihar






