जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में हुए वि’वाद के बाद छात्रों के समर्थन में आई फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में छात्रों के खि’लाफ हिं’सा व मा’रपी’ट को लेकर धरना में हिस्सा लेने के लिए तारीफ की। हालांकि, गफूर ने जल्द ही ट्वीट डिलीट कर दिया। इस ट्वीट में दीपिका के नाम की स्पेलिंग भी गलत लिखी हुई थी जिसे लेकर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल भी किया।

गफूर ने इस ट्वीट में दीपिका की ‘युवाओं और सच के साथ खड़े होने’ के लिए सराहना की थी। डिलीट किए हुए ट्वीट में गफूर ने लिखा था, आपको सम्मान हासिल करने के लिए मुश्किल हालात में भी खुद को बहादुर साबित करना पड़ता है। मानवता सबसे ऊपर है।

गफूर के ट्वीट डिलीट करने को लेकर पाकिस्तान की ही पत्रकार नायला इनायत ने तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया, शाबाश दीपिका, अब मुझे ट्वीट डिलीट करने दो और सरेंडर कर लेने दो। नायला ने गफूर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया।

बता दें कि जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में रविवार को हुई हिंसक घटना के विरोध में छात्रों की तरफ से आयोजित सभा में मंगलवार देर शाम बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण पहुंचीं थी। वह जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष से भी मिलीं। हमले में आइशी के सिर में चोट आई थी। दीपिका के साथ पहुंचे सीपीआइ नेता डी. राजा, जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने छात्रों को संबोधित किया। दीपिका ने छात्रों को संबोधित नहीं किया।

 

कोई भी राय व्यक्त करने के लिए कहीं भी जा सकता है

केंद्रीय मत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि केवल कलाकार ही क्यों, कोई भी आम आदमी राय व्यक्त करने के लिए कहीं भी जा सकता है, इस पर आपत्ति नहीं हो सकती। वहीं मुख्तार अब्बास नकवी ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि कि कौन कहां जाता है इसमें कोई किसी को रोक तो नहीं सकता है। यह एक लोकतांत्रिक देश है और हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। कोई फिल्म की प्रमोशन के लिए जाता है और कोई फिल्म की प्रमोशन के लिए इवेंट तैयार करता है।

इनपुट  : दैनिक जागरण

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