प्रिय सुशांत..
यह दूसरा ख़त तुम्हारे नाम.. सहेज सको तो सहेज के दिल के पास रखना।
आज इस दुनिया से गए तुम्हें सात दिन हो गए। यूँ तो अख़बारों में छपी, कोई भी बुरी खबर, उदास कर कुछ पलों में दिल से निकल जाती है। पर तुम्हारा इस तरह से छोटी सी उम्र में दुनिया से चले जाना आज भी मन का एक कोना पकड़ कर बैठा है।

हर रोज़ अख़बारों में तुमसे जुड़ी खबर ही ढूँढती हूँ। बड़े न्यूज़ चैनल वाले तुम्हारा न्यूज़ दिखाते ही नहीं।लेकिन सम्पूर्ण सोशल मीडिया तुम्हारे जाने की ख़बर से सुलग रहा है।सुना है, मुंबई पूलिस जम कर छान बीन कर रही है।तुम्हारे सभी सम्बन्धियों सहकर्मियों, मित्रों आदि से कड़ी पूछ ताछ हो रही है। तुम्हारे सभी ग़मों के कारण भी सब तलाशने में लगे है। यह तो तब भी सम्भव था ना, जब तुम फ़िज़िकली हमारे पास होते।

तुम्हारे जाते ही तुम्हारे परिवार पर बेचैनियों का क़हर टूट पड़ा। तुम्हारे पिता और बहनो को मुरझाया चेहरा आँखो से जाता ही नहीं। तुम्हारी परेशानियों को समेटने को तुम्हारा प्रांत ,तुम्हारा देश आज अडिग खड़ा है। और तुम तो असल ज़िंदगी ही नहीं, फ़िल्मों के भी हीरो थे। तुम यह कैसे भूल गए की विलेन तो हर जगह होते हीं है, और उनका अंत भी निश्चित होता है। थोड़ा वक्त ही तो लगता है…

काश कि तुम लौट आते और देखते तुम्हारे चाहने वालों की पलटन, भारत में ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में फैली है।बॉलीवुड शायद तुम्हारे निश्छल मन को तुम्हारी कमजोरी समझने की भूल कर बैठा, परंतु वही तो तुम्हारी शक्ति थी। तुम्हारे इंटेलेक्ट को समझ पाना ब्रह्मांड मापने जैसा ही तो था। काश कि तुम लौट आते और देख पाते अपने चाहने वालों के दर्द के सैलाब। काश कि तुम देख पाते की घर का एक कोना बस तुम्हारा नहीं, हर बिहारी का ख़ाली हुआ है। बस एक इंतेज़ार की ही तो बात थी, और सारा ब्रह्मांड जो तुम दूरबीन से देखने को उत्सुक रहते थे, तुम्हारी राह पर पलके बिछाए बैठा था।काश तुम आते और उन ग़मों की वजह को खुद सजा देते।

काश तुम चाँद से स्थिरता माँग लेते, जहां तुमने चुटकी बजाकर जमीन ख़रीद ली थी। मैं यह बात भली भाँति जानती हूँ कि सुशांत मरते नहीं। वह तो लाखों की आँखो में ख़्वाब बन कर जीवित रहते है। मगर फिर भी दिल कहता है , तुम लौट आओ और साथ ले आओ उन करोड़ो भारतवासियों की हंसी जो तुम समेट ले गए। और अब की बार जब आना तो जाने के लिए मत आना…
सुशांत! तुम्हें सादर श्रधांजलि 💐😢
अनुपमा कुमार ज्योति








