मुजफ्फरपुर. जिले में सात नयी नगर पंचायतों के गठन के बाद एक दर्जन से अधिक पंचायत का परसीमन (क्षेत्र) बदलने से इस बार जिले में मुखिया, सरपंच, पंच, पंचायत समिति और वार्ड सदस्य का सीट कम हो गया है.
मुखिया व सरपंच के लिए इस बार 373 सीटों पर चुनाव होगा, जबकि 2016 में 385 सीटों पर चुनाव हुआ था. पंचायती राज कार्यालय ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है. वार्ड सदस्य व पंच के लिए 5108 सीटों पर चुनाव होंगे.
वहीं पंचायत समिति की भी तीन सीटें कम हो गयी हैं. इस बार पंचायत समिति के लिए 532 सीटों पर चुनाव होगा. जिला परिषद की सीट में फेरबदल नहीं हुआ है, लेकिन जिप का परिसीमन बदल जायेगा. जिला परिषद के लिए 54 सीटों पर मतदान होगा.
पंचायत चुनाव 2016 के रोस्टर पर ही होगा. यानी, जो आरक्षण उस समय तय किया गया था, उसी के अनुसार इस बार चुनाव होगा. इसकी कॉपी पहले ही आयोग के पास भेजी जा चुकी है. दरअसल आरक्षण का रोस्टर दस साल के बाद बदलता है, यानी प्रखंडों में वार्ड सदस्य/पंच का पद
2026 चुनाव में नये रोस्टर से चुनाव होगा
- मड़वन 195
- सरैया 390
- सकरा 369
- मुरौल 107
- मुशहरी 360
- बोचहां 279
- कुढ़नी 513
- साहेबगंज 246
- मोतीपुर 403
- कांटी 275
- मीनापुर 373
- गायघाट 320
- बंदरा 165
- पारू 467
- औराई 340
- कटरा 306
- कुल 5108
सरपंच व पंच के लिए कोलकाता से आयेगा बैलेट, इवीएम से होने वाले चुनाव में मुखिया, जिला परिषद, वार्ड व पंचायत समिति सदस्य के बैलेट पेपर की छपाई जिला में होगी. चुनाव आयोग ने इसके लिए प्रिटिंग प्रेस तय करने को कहा है.
वहीं सरपंच व पंच का बैलेट पेपर कोलकाता से आयेगा. नाम वापसी के बाद प्रपत्र-9 भरा जायेगा. इसके बाद बैलेट की छपायी होगी. इस बार मतदान दल की संख्या बढ़ेगी. प्रत्येक पंचायत के लिए एक सेक्टर मजिस्ट्रेट होंगे, जिनके पास रिजर्व इवीएम और उस पंचायत का मतपत्र रहेगा.
Input: live hindustan