बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे का टिकट गया है. इसके बाद से विपक्ष के नेता सीएम नीतीश कुमार और गुप्तेश्वर पांडे पर गंभीर आरोप लगाने लगे. जिसका पूर्व डीजीपी ने पलटवार किया. गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार किसी को ठगते नहीं हैं. उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ मजबूरियां होती हैं.

गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि कभी-कभी ऐसा होता है. अब एनडीए को सोचना है कि मैं क्या करुंगा. पूर्व डीजीपी ने कहा कि अब पार्टी जैसा निर्देश देगी, मैं वैसा काम करुंगा.
आपको बता दें कि गुप्तेश्वर पांडे ने अपने कार्यकाल खत्म होने के छह महीने पहले ही वीआरएस ले लिया. जिसके बाद से उनके चुनाव लड़ने की कयास तेज हो गई. हालांकि बाद में उन्होंने जेडीयू पार्टी को भी ज्वाइन किया. इसके बाद से ये कन्फर्म कहा जाने लगा कि गुप्तेश्वर पांडे बक्सर या वाल्मीकि नगर से चुनाव लड़ सकते हैं. लेकिन पार्टी की ओर से टिकट नहीं दिया गया. बीजेपी ने बक्सर के दूसरे प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया तो वहीं जेडीयू भी वाल्मीकि नगर से अपने उम्मीदवार को उतार चुकी है.

मालूम हो कि गुप्तेश्वर पांडे ने साल 2009 में भी वीआरएस लेकर चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. गुप्तेश्वर पांडे बक्सर से चुनाव लड़ना चाहते थे. लेकिन उस वक्त भी उन्हें टिकट नहीं मिला था. जिससे वे काफी निराश हुए थे. हालांकि बाद में उन्होंने वीआरएस वापस ले लिया और फिर से नौकरी ज्वाइन कर ली. इसके बाद साल 2020 में भी गुप्तेश्वर पांडे ने फिर से चुनाव लड़ने के लिए अपनी किस्मत आजमाई. लेकिन इस बार भी उनके वीआरएस लेने के बाद भी फिर से निराशा हाथ लगी है. उन्हें एनडीए की ओर से टिकट नहीं दिया गया.
Source : Live Cities




