बिहार के मंत्री ने अपनी ही सरकार के शराबबंदी कानून पर सवाल खड़े किए हैं. राज्य के पशु व मत्स्य विभाग के मंत्री मुकेश सहनी ने कहा है कि बिहार में शराबबंदी कानून जितना सफल होना चाहिए था उतना निश्चित रूप से नहीं हुआ है. राज्य में 7000 करोड़ रुपये सालाना नुकसान के बाद भी यह कानून लागू है. दो दिवसीय दौरे पर गया पहुंचे पशु व मत्स्य विभाग के मंत्री मुकेश सहनी ने गया संग्रहालय में मगध प्रमंडल के विभागीय पदाधिकारियों और मछली पालकों के साथ बैठक की, साथ ही चल रही विभिन योजनाओ के बारे में जानकारी ली.

गया में वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून जितना सफल होना चाहिए था उतना निश्चित रूप से नहीं हुआ है. बिहार के सीएम का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है. बिहार में 7 हजार करोड़ रुपये का सालाना नुकसान के बाबजूद यह कानून लागू है. इसके लिए आम जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है. लोग इसकी जानकारी पुलिस को दें या फिर उसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दें ताकि पुलिस कार्रवाई कर सकेगी.

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के मामले पर सहनी ने कहा कि कानून के साथ गलती करेंगे तो सजा तो होगी ही. यही विभाग है जिसके कारण आज उनको सजा हुई है. सहनी ने कहा कि कानून अपने अनुकूल काम कर रहा है और मुझे लगता है उनकी सजा खत्म हो जाएगी तो वो बाहर आएंगे. गया में हुुई इस बैठक में सभी ने जिलावार अपनी-अपनी समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया.

समस्या में मुख्य रूप से तालाब अतिक्रमण, सरकार द्वारा जारी योजनाओं का लाभ न मिलना, तालाब को जबरन कब्जा कर सभी मछलियों को लूट लेना, संसाधनों की कमी, इत्यादि से रूबरू कराया. मंत्री मुकेश सहनी ने बताया कि संघर्ष सफलता की कुंजी है और हमें संघर्ष करते रहना चाहिए. मंत्री ने सभी जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अविलंब लक्ष्य को पूर्ण करना सुनिश्चित करें.

Input: News 18

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