PATNA: केंद्र सरकार की इजाजत के बाद अब राज्य सरकारें अपने मजदूरों को वापस लाने में जुट गई हैं। तेलंगाना के लिंगमपेल्ली में फंसे मजदूरों को लाने के लिए एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गई है। वहां से ट्रेन चल चुकी है जो रात को झारखंड पहुंचेगी। तेलंगाना से झारखंड के लिए चली इस ट्रेन में मजदूरों को लाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह 5 बजे तेलंगाना के लिंगमपेल्ली से ये ट्रेन चली, जो आज रात को 11 बजे झारखंड के हटिपहुंया पहुंचेगी. इस ट्रेन में कुल 24 कोच हैं।

झारखंड के मजदूरों के लिए ट्रेन की व्यवस्था होने और बिहार के मजदूरों के लिए अब तक कोई व्यवस्था नहीं होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से सीएम नीतीश पर बड़ा हमला बोला है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा है, नीतीश कुमार जी झारखंड के मज़दूर तेलंगाना से विशेष ट्रेन से झारखंड लाए जा रहे हैं।क्या आप BJP के पिछलग्गू ही बने रहेंगे या अपनी अंतरात्मा,ताक़त व अनुभव का भी कुछ फ़ायदा उठायेंगे?तेजस्वी यादव ने कहा कि जब झारखंड को ट्रेन मिल सकती है तो ड़बल इंजन बिहार सरकार को क्यों नही?आप इस सवाल से भाग नही सकते? आप तो रेल मंत्री भी रहे है। केंद्र और राज्य में आपकी दमदार सरकारें है।
आदरणीय @NitishKumar जी,झारखंड के मज़दूर तेलंगाना से विशेष ट्रेन से झारखंड लाए जा रहे है।क्या आप BJP के पिछलग्गू ही बने रहेंगे या अपनी अंतरात्मा,ताक़त व अनुभव का भी कुछ फ़ायदा उठायेंगे?जब झारखंड को ट्रेन मिल सकती है तो ड़बल इंजन बिहार सरकार को क्यों नही?आप इस सवाल से भाग नही सकते? https://t.co/WlaQcgFQ7P
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 1, 2020
बिहार से NDA के 50 सांसद है। केंद्र और राज्य में रामबिलास पासवान जी और आप जैसे अनुभवी एवं कथित धुरंधर और चाणक्य है। फिर भी बिहार को ना ज़रूरी स्वास्थ्य उपकरण, वेंटिलेटर और ना ही ट्रेन की मदद मिल पा रही है। अब आप सहित सभी बिहारवासियों को लालू प्रसाद का महत्व समझ में आ रहा है।
बिहार से NDA के 50 MP है। केंद्र और राज्य में रामबिलास पासवान जी और आप जैसे अनुभवी एवं कथित धुरंधर और चाणक्य है। फिर भी बिहार को ना ज़रूरी स्वास्थ्य उपकरण, वेंटिलेटर और ना ही ट्रेन की मदद मिल पा रही है। अब आप सहित सभी बिहारवासियों को आदरणीय श्री लालू जी का महत्व समझ में आ रहा है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 1, 2020
बताइए, जब झारखंड को ट्रेन मिल सकती है तो ड़बल इंजन बिहार सरकार को क्यों नही? क्या इसी विकास की खोज में जनादेश का अपमान किया गया था? आप विपक्ष के इस अहम सवाल से भाग नही सकते?
15 सालों की नीतीश-भाजपा सरकार के पास बिहार में मात्र 600 बसें है। मगर सरकार का विज्ञापन खर्च 500 करोड़ है।
हमने मज़दूरों को वापस लाने के लिए सरकार को शुरू में 2000 बसों की सहायता प्रदान की है। लेकिन अहंकारी सरकार को बस मीडिया मैनज्मेंट के दम पर ही सारी जंग जीतनी है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 1, 2020






