मुजफ्फरपुर. राज्य के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामसूरत राय ने फिर कहा है कि उनके विभाग में बड़ी तादाद में लापरवाह और भ्रष्ट कर्मचारी हैं, जिनकी वजह से विभाग की बदनामी हो रही है. ऐसे कर्मचारी दाखिल खारिज और एलपीसी बनाने में आम आवाम को परेशान करते हैं और बदनामी सरकार की होती है. मंत्री ने कहा कि ऐसे ही लोगों की मिलीभगत के कारण राज्य में सरकारी सैरातों पर माफिया का कब्जा होता जा रहा है. कई सरकारी सैरातों का इनकी मिलीभगत से माफियाय तत्वों नें बंदोबस्ती करवा लिया या उनका पर्चा हासिल कर लिया.

नीतीश के मंत्री ने कहा कि राज्य में श्मशान, स्कूल या रास्ते की जमीनों पर मोटी रकम लेकर अधिकारी सरकारी भवन बनाने के लिए अवैध परमिशन दे रहे हैं. ऐसे सभी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों की पहचान की जा रही है और उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने यह जानकारी मुजफ्फरपुर में आयोजित प्रमंडल स्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक में दी. जिले के एमआईटी कॉलेज सभागार में आयोजित राजस्व समीक्षा में मुजफ्फरपुर के साथ-साथ तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों के डीएम, एडिशनल कलेक्टर, डीसीएलआर, सीओ और राजस्व से जुड़े सभी पदाधिकारी मौजूद थे.

बैठक में मंत्री रामसूरत राय ने सवाल उठाया कि दाखिल खारिज और एलपीसी को लेकर क्षेत्र भ्रमण के दौरान बहुत सारी शिकायतें उन्हें जनता से मिल रही हैं. इस पर जब जिलावार समीक्षा की गई तो पता चला की बगहा में पिछले दिनों दाखिल खारिज के 50 प्रतिशत से ज्यादा मामले रिजेक्ट कर दिए गए. अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में दाखिल खारिज का आवेदन रद्द कर दिए जाने की जानकारी मिल रही है. इस पर मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की कमी का बहाना बनाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है. मंत्री ने मुजफ्फरपुर के गायघाट बांद्रा इलाकों में तीन उदाहरण गिनाए जहां श्मशान, स्कूल या सड़क की जमीन पर पंचायत सरकार भवन बनवा दिया गया है.

मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर उन जमीनों पर पंचायत भवन बनवा दिया. इसकी पूरी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई है और कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है. बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री जी नें कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें भारी संख्या में दाखिल खारिज, लगान निर्धारण और एलपीसी बनाने में कर्मियों की मनमानी की शिकायतें मिलती रहती हैं. मंत्री नें सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि वो अंचलों में शिकायतों की जांच कर दोषिओं पर कड़ी कार्रवाई करें. बैठक में मंत्री ने जानकारी दी कि भूमि विवाद की एक बड़ी वजह है. राजस्व कर्मी, अमीन और कर्मियों की कमी इसी साल जून तक दूर कर दी जाएगी.
Source : News18



