कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के लिए अधिक खतरे की आशंका को देखते हुए पटना एम्स में बच्चों पर कोवैक्सीन के ट्रायल की अनुमति मिल गई है। भारत बायोटेक के कोवैक्सीन टीके के दूसरे व तीसरे चरण का ट्रायल इस महीने के अंत से शुरू होगा। दो वर्ष से 18 वर्ष के बच्चों पर पटना एम्स के शिशु रोग विशेषज्ञों की निगरानी में ट्रायल शुरू किया जाएगा। ट्रायल के लिए टीम गठित हो चुकी है। यहां आपको बिहार में कोरोना वैक्‍सीनेशन से जुड़ा अपडेट डाटा मिलेगा। साथ ही आप यह भी जान सकेंगे कि आज पटना के टीकाकरण केंद्रों पर किसी को भी वैक्‍सीन क्‍यों नहीं लगाई जाएगी।

पटना एम्स में इसी महीने दो से अठारह वर्ष के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल, शिशु रोग विशेषज्ञों की निगरानी में दी जाएगी वैक्सीन, कमेटी गठित, डीजीसीआइ ने दी भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के ट्रायल की अनुमति

1.12 लाख को पहला तो करीब 12 हजार को लगा दूसरा टीका

राज्य में 18 से 45 उम्र वालों में टीका को लेकर उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। महज सात दिन में ही इस उम्र वर्ग के छह लाख की आबादी को टीके की पहली डोज दी जा चुकी है। शनिवार को टीकाकरण अभियान के क्रम में सूबे के 21 सौ से अधिक केंद्रों पर 1,24,104 लोगों का टीकाकरण किया गया। इसमें 97092 लोग 18-45 उम्र के लोग हैं जिन्हें टीके लगे।

पहला टीका लेने वालों की संख्‍या अधिक

स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को जानकारी दी कि आज पहला टीका लेने वालों की संख्या ज्यादा रही। 18-45 उम्र के अलावा 45-59 उम्र के 9705 को पहला और 5901 को टीके की दूसरी डोज दी गयी। दूसरी ओर केंद्रों पर 60 से ज्यादा उम्र के 3606 को पहला टीका और 5734 को दूसरा टीका दिया गया।

अब तक राज्‍य में टीके की करीब 90 लाख डोज दी गई

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में 16 जनवरी से कोरोना से बचाव का टीका देने के लिए अभियान शुरू किया गया था। इस अवधि में पहला और दूसरा टीका मिलाकर 89,88,981 को टीके गए हैं। जिसमें 71,12,638 को पहला टीका और 18,76,343 को दोनों टीके दिए जा चुके हैं। इसमें सिर्फ 18-45 उम्र वाले जिनका टीकाकरण किया जा चुका है उनकी संख्या 6,09,287 है।

पटना में आज सैनिटाइजेशन के कारण बंद रहेगा टीकाकरण

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए रविवार को पटना जिले के सभी टीका केंद्रों का सैनिटाइजेशन होगा। इसलिए जिले के सभी केंद्रों पर टीका लगाने का काम बंद रहेगा। अब सोमवार से पूर्व की तरह टीका लगाया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह के आदेश पर टीका केंद्रों की विशेष सफाई और सैनिटाइजेशन की तैयारी की गई है।

भारत के औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआइ) ने ट्रायल की मंजूरी दे दी है। एम्स के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि बच्चों पर कोवैक्सीन के ट्रायल के लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है। 2020 में पहली बार एम्स पटना में ही कोरोना वैक्सीन का ट्रायल किया गया था। ट्रायल पूरी तरह भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की निगरानी में होगा। इसके सफल होने के बाद बच्चों को भी टीका देने का रास्ता साफ हो जाएगा।

Input: Dainik Jagran

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