भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक पंडित जसराज (Pandit Jasraj) का सोमवार को अमेरिका (America) के न्यू जर्सी (New Jersey) में निधन हो गया. वह 90 साल के थे. पंडित जसराज की बेटी दुर्गा जसराज (Durga Jasraj) ने यह जानकारी दी. पंडित जसराज की बेटी दुर्गा जसराज ने एक बयान जारी कर कहा- “अपार दुख के साथ, हम सूचित करते हैं, कि संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज जी ने आज सुबह 5:15 बजे अमेरिकी समयानुसार कार्डियक अरेस्ट के चलते न्यू जर्सी, अमेरिका में अंतिम सांस ली. भगवान कृष्ण ने स्वर्ग के दरवाजों के माध्यम से उनका प्यार से स्वागत किया, जहां पंडित जी अब ओम नमो भगवते वासुदेवाय केवल अपने प्रिय भगवान के लिए गाएंगे. हम प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा अनंत संगीत शांति में रहे. आपके विचारों और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद. पंडित जसराज जी का परिवार, और मेवाती घराने के छात्र.”

#AD

#AD

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पंडित जसराज को ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है. राष्ट्रपति कोविंद ने लिखा- “संगीत विभूति व अद्वितीय शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन से दुख हुआ। पद्म विभूषण से सम्मानित पंडितजी ने आठ दशकों की अपनी संगीत यात्रा में लोगों को भावपूर्ण प्रस्तुतियों‌ से आनंद विभोर किया। उनके परिवार, मित्रगण व संगीत‌-पारखी लोगों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं!”

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि- “पंडित जसराज जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्र में एक गहरा प्रभाव पड़ा है. न केवल उनकी प्रस्तुतियां उत्कृष्ट थीं, उन्होंने कई अन्य गायकों के लिए एक असाधारण गुरु के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. दुनिया भर में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना. ओम शांति.”

पंडित जसराज अपने जीवन काल में पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, मारवाड़ संगीत रत्न पुरस्कार आदि सम्मानों से नवाजे गए थे. पंडित जसराज का जन्म 28 जनवरी 1930 को हिसार में हुआ था. सिर्फ चार साल की ही उम्र में पिता का देहांत हो जाने के बाद उनके बड़े भाई ने उनका पालन पोषण किया. बचपन से ही जसराज को उनके पिता पंडित मोतीराम ने मुखर शिक्षा दी. पिता के गुजर जाने के बाद उनके बड़े भाई पंडित प्रताप नारायण ने तबले की संगत के साथ उनका प्रशिक्षण शुरू किया. पंडित जसराज ने 14 साल की उम्र से गायक के रूप में प्रशिक्षण शुरू किया इससे पहले वह तबला वादक ही थे. संगीत की दुनिया में अपने 80 साल के सफर में पंडित जसराज ने भारत, कनाडा और अमेरिका में संगीत की शिक्षा दी. वहीं उनके कई शिष्य उल्लेखनीय संगीतकार भी बने. पंडित जसराज का संबंध मेवाती घराने से था.

पंडित जसराज के परिवार में उनकी पत्नी मधु जसराज, पुत्र सारंग देव और पुत्री दुर्गा जसराज हैं. मधु फिल्म निर्देशक वी. शांताराम की बेटी हैं जिनसे पंडित जसराज की पहली मुलाकात 1960 में मुंबई में हुई थी. 1962 में दोनों ने विवाह कर लिया था.

हासिल की थी ये अनूठी उपलब्धि
पंडित जसराज ने अपने जीवनकाल में अनूठी उपलब्धि हासिल की थी. उन्होंने 82 साल की उम्र में अंटार्कटिका के दक्षिणी ध्रुव पर अपनी प्रस्तुति दी थी. जिसके बाद वह सातों महाद्वीपों पर कार्यक्रम करने वाले पहले भारतीय बन गए. अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने 2006 में खोजे गए हीन ग्रह 2006 VP32 पंडित जसराज के सम्मान में ‘पंडितजसराज’ नाम दिया था.

Input : News18

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD