पापा मैं ठीक हूं… आप मेरी चिंता मत करो। कोरोना में आप भी अच्छे से घर में रहो… मैं कोशिश करता हूं… जितनी जल्दी हो सके आपसे मिलने आता हूं… बस आप अपना ख्याल रखें और आराम से रहें। ये बातें फोन पर आखिरी बार फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने अपने पिता केके सिंह से शनिवार की शाम में कही थीं। अपने बेटे से बात कर केके सिंह खुश थे, क्योंकि उसने घर आने की बात कही थी। सुशांत के पिता पटना के राजीवनगर रोड नंबर छह के घर में रहते हैं। उन्हें खुशी थी कि रोज अकेले बैठकर खाना खाने से छुटकारा मिलेगा। बेटे के साथ वक्त गुजारने का मौका मिलेगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये सपना बस कुछ पलों का है और रविवार की सुबह बेटे की मौत की खबर पहुंचेगी।
और छूट गई हाथ से नाश्ते की प्लेट
रविवार की सुबह करीब 10 बजे होंगे। केके सिंह बिस्तर से उठने के बाद बाथरूम से फ्रेश होकर निकले थे। प्लेट लेकर डाइनिंग टेबल पर आए, ब्रेड उठाई ही कि मुंबई से एक कॉल आई और हाथ से नाश्ते की प्लेट छूटकर जमीन पर चकनाचूर हो गई। कॉल थी बेटी रूबी की, जिसने अपने भाई सुशांत की मौत की मनहूस खबर सुनाई। केके सिंह के यहां काम करने वाली लक्ष्मी देवी ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि फोन किसका है। वह किचन की सफाई कर रही थीं। प्लेट की आवाज से वह बाहर आई तो देखा केके सिंह बेहोश नीचे गिरे हुए हैं तो उन्होंने पड़ोसियों को आवाज देकर मदद के लिए बुलाया।

आठ महीने पहले पटना आए थे सुशांत
सुशांत के पड़ोस में रहने वाली अंजनी पाठक ने बताया कि आठ महीने पहले पिता से मिलने के लिए सुशांत राजीवनगर वाले अपने घर में आए थे। पड़ोसियों के अनुसार तब सुशांत पहले से बहुत बदले हुए दिख रहे थे। वह पहले सबसे ज्यादा बात नहीं करते थे, लेकिन आखिरी बार जब वो घर आए तो उन्होंने सबसे मुलाकात भी की थी और बच्चों के साथ क्रिकेट का मैच भी खेला था।








