पटना : काम के बदले कुछ लेने की प्रवृत्ति के चलते बदनाम राजनीतिज्ञों के सामने भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रामसूरत राय ने अच्छी नजीर पेश की है। वे हर साल अपने वेतन का एक हिस्सा उन अधिकारियों के बीच इनाम के तौर पर बांटेंगे, जो बेहतर काम करते हैं और समय पर लक्ष्य हासिल कर लेते हैं। वे ट्रायल भी कर चुके हैं। दो महीना पहले उन्होंने कर्मचारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) और अंचलाधिकारी (सीओ) को अपने वेतन से इनाम दिया भी था। अब इसे साल में एक बार देंगे।

मंत्री के मुताबिक कामकाज को लेकर विभाग की छवि खराब है, जिसे सुधारना जरूरी है। वे मानते हैं कि हाल के दिनों में छवि सुधरी है, लेकिन इसमें अभी और सुधार की जरूरत है। मालूम हो कि भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के कामकाज की हर महीने रैंकिंग होती है। कर्मचारी से लेकर अपर समाहर्ता (एडिशनल कलक्टर) तक के कामकाज का मूल्यांकन होता है। इसमें बेहतर और खराब काम करने वाले तीन-तीन कर्मियों का चयन होता है। इनाम की रकम उन्हीं के बीच बांटी जानी है।

इनाम की रकम बढ़ाने पर विचार : मंत्री ने पहले कहा था कि बेहतर काम करने वाले कर्मियों को इनाम के तौर पर 11 हजार रुपये दिए जाएंगे, लेकिन उन्होंने साल भर में अपने वेतन से सिर्फ एक लाख 11 हजार रुपये देने की घोषणा की है। इस रकम से सभी कर्मियों को 11-11 हजार रुपये नहीं दिए जा सकते हैं। मंत्री ने कहा कि लोग बेहतर काम करें। वे रकम बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। बकौल रामसूरत राय, हमारी चिंता विभाग की छवि को लेकर है। भूमि सुधार एवं राजस्व महत्वपूर्ण विभाग है।
- बदनाम व्यवस्था के लिए नजीर पेश कर रहे रामसूरत राय, दो महीना पहले हुई है इनाम बांटने की शुरुआत
- बेहतर काम और समय पर लक्ष्य हासिल करने वाले विभागीय कर्मियों के बीच बांटेंगे 1.11 लाख रुपये
Source : Dainik Jagran




