मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 से संबंधित इलाज और स्थितियों की समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने कई निर्देश दिए। कहा कि प्लाज्मा थेरेपी को प्लाज्मा देने वालों के लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच की संख्या को और बढ़ाया जाए। इच्छुक सभी लोगों की जांच सुनिश्चित की जाए। इसके लिए किट्स की पर्याप्त उपलब्धता रहे। जनसंख्या के हिसाब से जिला अस्पतालों में आइसीयू विकसित करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि गंभीर संक्रमितों के इलाज के लिए सभी जिलों में वहां की जनसंख्या के अनुपात में जिला अस्पतालों में आइसीयू विकसित करें। उन्होंने कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या को और बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक बेडों तक पाइपलाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चत करें। जिन जिलों में कोरोना के एक्टिव मरीज ज्यादा हैं, वहां जांच की संख्या को और बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी हिदायत दी कि प्रति एक लाख की आबादी पर जांच की संख्या का आकलन करें। इससे कोरोना संक्रमण का व्यावहारिक आकलन हो सकेगा। बाढ़ प्रभावित सामुदायिक केंद्रों में भोजन को आ रहे लोगों की भी जांच कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था रखें, ताकि मरीजों को इलाज के लिए तुरंत कोविड केयर सेंटर तक पहुंचाया जा सके। वैसे संक्रमित गरीब परिवार के लोग जिनके लिए घर में आइसोलेशन की व्यवस्था संभव नहीं है, उनके लिए कोविड केयर सेंटर में आइसोलेशन की व्यवस्था की जाए। बैठक के आरंभ में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि 31 जुलाई को जांच की संख्या 28,624 थी, जो आज बढ़कर 71,520 हो गयी है।



