देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘वोकल फॉर लोकल’ कार्यक्रम के तहत खादी ग्रामोद्योग आयोग ने देसी उत्पादों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य के 500 कुंभकारों को विशेष रूप से पांच दिनों का प्रशिक्षण देकर मिट्टी के कुकर तैयार करवाए जाएंगे। साथ ही टेराकोटा के अन्य उत्पाद भी तैयार होंगे। खादी भंडारों के माध्यम से इन उत्पादों की बिक्री देशभर में की जाएगी। ये उत्पाद चीनी उत्पादों का मुकाबल करेंगे।

बिहार की मिट्टी के कुकर से होगा चीनी उत्पादों का मुकाबला, देशभर में मिलेगा बाजार

खादी-ग्रामोद्योग आयोग के राज्य निदेशक वी.एस.बागुल का कहना है कि देसी उत्पादों की भारी मांग को देखते हुए आयोग ने उन्हें बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। खासकर टेराकोटा के उत्पादों पर विशेष जोर दिया जाएगा। उसमें मिट्टी के कुकर की सर्वाधिक मांग की जा रही है। मिट्टी का कुकर सासाराम में क्लस्टर (समूह) बनाकर तैयार किया जाएगा। इसके अलावे मिट्टी की सजावटी सामग्री भी बनवाई जाएगी। राज्य के कुंभकार कुल्हड़ भी तैयार करेंगे। उन्हें रेलवे से जोड़कर बाजार मुहैया कराया जाएगा।

नये उपकरण मुहैया कराएगी सरकार

खादी-ग्रामोद्योग आयोग कुंभकारों को अत्याधुनिक चाक एवं अन्य उपकरण भी मुहैया कराएगा ताकि वे बेहतर से बेहतर उत्पाद तैयार कर सकें। उन्हें मिट्टी के कुकर एवं अन्य बर्तनों को पकाने के लिए विशेष सामग्री दी जाएगी।

प्रवासी मजदूर करेंगे शहद का उत्पादन

आयोग देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को शहद पालन का प्रशिक्षण देगा। शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। आयोग ने इसके लिए चार जिलों का चयन किया है। इसमें गया, कटिहार, पूर्वी चंपारण एवं मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है। योजना के अनुसार गया में 100, कटिहार में 100, मुजफ्फरपुर में 100 एवं पूर्वी चंपारण में 200 मजदूरों का चयन किया जाएगा। प्रवासी मजदूरों का चयन जिलाधिकारी करेंगे। जिलाधिकारी के माध्यम से प्रवासी मजदूरों की सूची आयोग को मुहैया कराई जाएगी। कुल 500 मजदूरों को 1500 बॉक्स एवं अन्य सामग्री दी जाएगी।

Input : Dainik Jagran

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