कोरोना से लड़ाई को बिहार को अब देश के साथ ही विदेशों से भी मदद मिलने लगी है। गुरुवार को अमेरिका की कम्यूनिटी पार्टनर्स इंटरनेशनल संस्था तथा भारत की टाटा मेमोरियल हॉस्पीटल द्वारा स्थापित संस्था ‘नव्या’ के सहयोग से 184 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर पटना पहुंचे। बिहार फाउंडेशन के माध्यम से मिले इन ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटरों को स्वास्थ्य विभाग के हवाले कर दिया गया।

राज्य सरकार ने हाल ही में गजट नोटीफिकेशन किया था कि विदेशों से आने वाली राहत सामग्री के लिए बिहार फाउंडेशन नोडल संस्था होगी। इसके बाद फाउंडेशन की ओर से दूतावासों व अन्य स्थानों पर संपर्क किया गया। यह प्रयास रंग भी लाते दिख रहे हैं। इसी क्रम में 184 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की पहली खेप गुरुवार को एयर इंडिया के विमान से पटना एयरपोर्ट पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग इन्हें फतुहा स्थित वेयर हाउस में रखेगा। यह भी तय कर दिया गया है कि कितने कॉन्सेंट्रेटर कहां प्रयोग किए जाएंगे।

23 कॉन्सेंट्रेटर कंकड़बाग स्थित सवेरा हॉस्पीटल को दिए जा रहे हैं, जबकि 69 होमी भाभा हॉस्पीटल एवं कैंसर रिसर्च सेंटर मुजफ्फरपुर को तथा 92 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर सदर अस्पताल एवं प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को दिए जाएंगे। बता दें कि कोरोना के मॉडरेट श्रेणी के लोगों के लिए यह कॉन्सेंट्रेटर बहुत लाभप्रद है। यह डिवाइस कमरे से हवा को खींचकर उससे 76 प्रतिशत नाइट्रोजन को बाहर करके 96 प्रतिशत ऑक्सीजन बना देता है। उसे मास्क के जरिए मरीज को दिया जाता है। विदेशों से बिहार को मिलने वाली मदद का यह सिलसिला अभी और आगे बढ़ेगा। सूत्रों की मानें तो जल्द कुछ और ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, वेंटिलेटर व अन्य सामग्री यहां पहुंचेगी।
Input: Live Hindustan






