बिहार से लेकर असम तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखा जा रहा है. इस कारण बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम ने करवट ली है. प्रदेश में काल बैशाखी खासकर किसानों के लिए तबाही बनी हुई है. मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक प्रदेश में 30 अप्रैल तक मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है. उत्तरी मध्यप्रदेश और असम में बने कम दबाव के भंवर में फंसे बिहार में ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, यही वजह है कि लाइटनिंग और तबाही वाली बरसात अभी लगातार जारी रहेगी.

बता दें कि बिहार में रविवार को 36 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई. पूरे प्रदेश में 7.30 बजे से 9 बजे तक जबरदस्त लाइटनिंग हुई़ खासतौर पर बादल की गर्जन से लोग खासे भयभीत रहे. मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक रविवार को हथुआ में 50 मिलीलीटर, सिसवन और धरौली में 40-40 मिलीमीटर, झाझा में 30 मिलीमीटर,महाराजगंज, हुसैनगंज,भोरे,विक्रम और किशनगंज में 20-20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है.

बिहार में इन दिनों हो रही बारिश की वजह से प्रदेश का उच्चतम तापमान सामान्य से दस डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया. पटना में उच्चतम तापमान 28.2, गया में 29.8,भागलुपर में 28.8 और पूर्णिया में 29.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. पूर्णिया में उच्चतम तापमान सामान्य से केवल चार डिग्री नीचे रहा. रात का तापमान भी प्रदेश में सामान्य से कम चल रहा है़ इस तरह बिहार के मौसम में अप्रत्याशित ठंडक पसरी हुई है.

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस साल प्री मानसून कुछ ज्यादा बरस रहा है. इस तरह की बारिश का मानसून के आने पर क्या असर पड़ेगा? इस संदर्भ में मौसम विज्ञानी अभी चुप्पी साधे हुए हैं.वहीं मौसम विज्ञान केंद्र पटना के क्षेत्रीय निदेशक विवेक सिन्हा ने बताया कि अगले चार दिन और बारिश के आसार हैं. यह प्री मानसून की बारिश है़ लाइटनिंग से लोगों को सावधान रहना चाहिए़ कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश के साथ लाइटनिंग के आसार अभी बने हुए हैं.

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