जाप प्रमुख पप्पू यादव ने गुरुवरा को कहा कि बिहार में कोरोना वायरस और बाढ़ की स्थिति भयावह है। राज्य सरकार की इच्छा शक्ति खत्म हो चुकी है।  इलाज करने के लिए डॉक्टर्स के पास पीपीई किट नहीं है लेकिन सेक्रेटरी और मंत्री पीपीई किट पहन कर हॉस्पिटल जाते है। दरभंगा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने ये बातें कहीं। पप्पू यादव ने कहा कि गंडक, बूढी गंडक, सेनारी, कमला, बागमती, कोसी, महानंदा, बलान, सोन उफान पर हैं और सरकार पता नहीं किस नींद में है?

पप्पू यादव ने कहा कि राज्य के किसी हॉस्पिटल में न वेंटीलेटर है और न ही आईसीयू बेड। नीतीश सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि न ही किसी होटल और न ही किसी लॉज को किराये पर लेकर उसे आइसोलेशन सेंटर बनाया गया। मैंने स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर बेतिया में कन्हैया गुप्ता के मौत की जांच की मांग की है। ईलाज न मिलने के कारण कोरोना के मरीज दहशत में है। पप्पू यादव ने आगे कहा कि मेरी सलाह है कि बिहार में रोजाना टेस्टिंग की संख्या 50,000 तक बढ़ाई जाए।

सिंचाई विभाग के मंत्री संजय झा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तो गायब है ही उनके मंत्री भी गायब हैं। इन नेताओं को भी बाढ़ में छोड़ देना चाहिए तभी इन्हें आम जनता की परेशानियों के बारे में पता चलेगा। सरकार अभी तक सभी लीगों को पांच किलो चावल और एक किलो चना नहीं दे पाई है। डबल इंजन की सरकार सभी मोर्चों पर फेल हो गई है।

जाप अध्यक्ष ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए मैंने बहुत पहले ही कहा था कि गंडक और बागमती नदी के बाँध टूटने वाले है। दरभंगा, सारण, मुज़फ्फ़रपुर, बगहा को बचाओ लेकिन सरकार ने मेरी नहीं सुनी। बाढ़ में बीडीओ और सीओ कहीं नहीं दिखते है। लोगों को न राशन मिल रहा है और न ही डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है। पप्पू यादव ने कहा कि उत्तर बिहार को अभी तक बाढ़ प्रभावित इलाका घोषित नहीं किया गया है। सरकार ने घर और फसल क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजे की घोषणा अभी तक नहीं की है।

Input : Live Hindustan

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