पटना: बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने तीन न्यायिक अधिकारियों (Judicial Officers) को सेवा से बर्खास्त (Dismissed) कर दिया है. तीनों न्यायिक अधिकारियों की बर्खास्तगी फरवरी 2014 से प्रभावी होगी. जानकारी के अनुसार, तीनों न्यायिक अधिकारियों को 2014 में नेपाल के एक होटल में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की स्थिति में पकड़ा गया था.
Bihar: General Administration Department has dismissed three judicial officers from service. The dismissals will be effective from February 2014.
They were caught in compromising position with women at a hotel in Nepal in 2014.
— ANI (@ANI) December 23, 2020
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, बर्खास्त किए गए न्यायिक सेवा के अधिकारियों में हरि निवास गुप्ता, जितेंद्र नाथ सिंह और कोमल राम का नाम शामिल हैं. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) द्वारा जारी एक पत्र का उद्धरण है.

पत्र में कहा गया है कि बर्खास्त तीनों अधिकारियों को रिटायर के बाद का सभी लाभ नहीं मिलेगा. बताया जा रहा है कि हरि निवास गुप्ता उस समय समस्तीपुर में परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश थे जबकि जितेंद्र नाथ सिंह और कोमल राम अररिया जिले में एडीजे और अतिरिक्त न्यायाधीश थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों न्यायिक अधिकारियों को नेपाल पुलिस ने विराटनगर में एक होटल में छापेमारी के दौरान पकड़ा था.

हालांकि, बाद में इन्हें रिहा कर दिया गया था. लेकिन एक नेपाली अखबार में खबर छपने के बाद मामला प्रकाश में आया था. इसके बाद पटना हाईकोर्ट द्वारा मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें तीनों जज दोषी पाए गए और फिर उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की गई. हालांकि, पिछले साल तीनों न्यायिक अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपील दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे ठुकरा दिया था.
Source : Zee News



