एकतरफ शैक्षणिक सत्र को नियमित करने पर राजभवन का जोर तो दूसरी तरफ बीआरएबीयू की लापरवाही। बीआरए बिहार विवि में कॉपियों की कमी के कारण शुक्रवार से होने वाली टीडीसी पार्ट-वन की परीक्षा स्थगित हो गई है। इससे पार्ट-वन में नामांकित लगभग 1.40 लाख छात्र-छात्राओं पर इसका सीधा असर पड़ा है।

दूसरी ओर राज्य सरकार से बिना मंजूरी हासिल किए छात्र-छात्राओं का नामांकन लिए जाने वाले दो दर्जन कॉलेजों के कारण भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। इन कॉलेजों में लगभग 10 हजार स्टूडेंट्स नामांकित हैं। परीक्षा कराए जाने को लेकर सरकार से निर्देश मांगा जाएगा। इसमें प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है कि छात्र हित में नामांकित स्टूडेंट्स की परीक्षाएं होंगी। उनका रिजल्ट तब तक रोका जाएगा, जब तक कॉलेज संबद्धता हासिल न कर लें, लेकिन बिना सरकार के स्तर से मंजूरी मिले बिना उनकी परीक्षा नहीं ली जाएगी।

बताया जा रहा है कि जेम पोर्टल से कॉपियों की खरीदारी होनी थी। विवि की ओर से पुणे के एक एजेंसी के नाम पर सहमति बनी, लेकिन इसका वर्क आर्डर वीसी पर नीतिगत रोक होने का कारण नहीं दिया गया। इस कारण तय समय पर कॉपियों की सप्लाई नहीं हो सकी। कॉपियों की कमी के कारण परीक्षा को स्थगित करना पड़ा। मामले को लेकर रजिस्ट्रार रिटायर कर्नल एके राय ने बताया, उन्हें इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। इसे लेकर वीसी प्रो. आरके मंडल से संपर्क किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। उल्लेखनीय है, बुधवार को दिन भर इसके लिए अधिकारियों की बैठक होती रही। पिछले वर्ष बिहार बोर्ड की ओर से ऑनलाइन छात्र-छात्राओं का स्नातक में नामांकन हुआ था। बाद में बिना मान्यता हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन विवि के स्तर से रोका गया था।

Input : Daink Bhaskar

 

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