कोरोना को लेकर बिहार में उत्पन्न हालात के मद्देनजर बिहार विधानसभा चुनाव के टलने की संभावना और बढ गयी है. चुनाव आयोग ने आज बिहार के वाल्मीकि नगर संसदीय सीट पर होने वाले उप चुनाव को टाल दिया है. वाल्मीकि नगर संसदीय सीट पर अगले महीने उप चुनाव होने वाला था.

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चुनाव आयोग का फैसला

चुनाव आयोग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक बिहार के वाल्मीकि नगर संसदीय सीट के साथ साथ देश के दूसरे राज्यों में सात विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव को असाधारण परिस्थितियों के मद्देनजर टाल दिया गया है. चुनाव आयोग की बैठक कल होने जा रही है जिसमें इन क्षेत्रों में चुनाव की तिथि तय करने पर चर्चा होगी.

जिन सीटों पर चुनाव को टालने का फैसला लिया गया है उसमें बिहार के वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र के साथ साथ उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की दो-दो विधानसभा सीट और केरल, असम और मध्य प्रदेश की एक-एक विधानसभा सीट शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर सीटें सीटिंग सांसद या विधायक के निधन से खाली हुई हैं.

वाल्मीकि नगर संसदीय सीट पर चुनाव टलना बडा संकेत

दरअसल बिहार के वाल्मीकि नगर संसदीय सीट से सांसद वैद्यनाथ महतो का निधन पिछले फरवरी महीने में ही हो गया था. चुनाव को लेकर देश में लागू नियमों के मुताबिक किसी सीट के खाली होने के 6 महीने के भीतर वहां उप चुनाव कराना जरूरी होता है. इस नियम के मुताबिक वाल्मिकी नगर में अगस्त महीने में चुनाव हो जाना चाहिये था. लेकिन चुनाव आयोग ने तय सीमा के भीतर नहीं कराने का फैसला लिया है.

दरअसल चुनाव आयोग ने वाल्मीकि नगर में चुनाव को लेकर समीक्षा की थी लेकिन पाया गया कि मौजूदा परिस्थितियों में मतदान करा पाना संभव नहीं है. लिहाजा केंद्रीय कानून मंत्रालय को चुनाव टालने की जानकारी दे दी गयी है. रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट 1951 के मुताबिक चुनाव आयोग को भारत सरकार की सलाह से उप चपुनाव को टालने का अधिकार है. इसी प्रवाधान के तहत आयोग ने 22 जुलाई को ही पत्र जारी कर ये फैसला लिया है कि वाल्मीकि नगर समेत देश के दूसरे राज्यों में होने वाले उप चुनाव को टाल दिया जाये.

तो बिहार में भी टलेगा चुनाव

चुनाव आयोग ने वाल्मीकि नगर समेत दूसरे जगहों पर होने वाले उप चुनाव को टालने के लिए जारी पत्र में कहा है कि असाधारण परिस्थितियों के कारण ये फैसला लिया जा रहा है. लेकिन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना के खतरे के बीच चुनाव कराना संभव नहीं था. लिहाजा चुनाव को सितंबर तक टाला गया है.

चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद बिहार विधानसभा चुनाव के टलने की भी संभावना बढ़ती जा रही है. दरअसल बिहार में कोरोना का खतरा लगातार बढता जा रहा है. ऐसे में आरजेडी-कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्षी पार्टियां ये मांग कर रही है कि बिहार के चुनाव को टाला जाये. हालांकि जेडीयू और बीजेपी समय पर चुनाव कराने की मांग कर रही है. जेडीयू ने तो बिहार में चुनाव कराने के लिए अमेरिका से लेकर दक्षिण कोरिया और सिंगापुर तक का उदाहरण दे दिया है.

लेकिन इन दिनों बीजेपी के तेवर नरम पड़े हैं. बीजेपी ने अब कहना शुरू किया है कि बिहार चुनाव को लेकर चुनाव आयोग जो फैसला लेगा वह उसे मंजूर है. ऐसे में चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ता जा रहा है. कहा जा रहा है कि जब एक संसदीय सीट पर चुनाव कराना संभव नहीं रह गया है तो फिर पूरे राज्य में कैसे चुनाव कराये जायेंगे.

Input : First Bihar

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