1 से 13 सितंबर के बीच जेईई, नीट, एनडीए व दूसरे प्रतियोगी परीक्षाएं होनी है. पटना समेत राज्य के दूसरे शहरों में इसके लिए कई सेंटर बनाए गए हैं. परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या काफी अधिक है.
लेकिन सबके सामने सबसे बड़ी परेशानी ट्रांस्पोटेशन की है. ट्रेनें बंद और सड़क पर बसों की संख्या आम दिनों की तुलना में बेहद कम है. ऐसी स्थिति में स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स बहुत परेशान हैं. इनकी समस्यों को ध्यान में रखते हुए सोमवार की देर शाम बिहार सरकार बड़ा फैसला लिया है. सबसे पहले राज्य सरकार ने बिहार के अंदर इंटर डिस्ट्रिक्ट और लोकल ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे से अनुशंसा की है. ताकि आने—जाने में कैंडिडेंट्स को कोई परेशानी न हो.
यह फैसला सरकार के स्तर पर हुए एक हाई लेवल मीटिंग के बाद लिया गया है. ट्रेनों को चलाने के लिए ईस्ट सेंट्रल रेलवे को बिहार सरकार की तरफ से एक लेटर भेज दिया गया है. राज्य परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सरकार के तरफ से लिए गए एक और बड़े फैसले की घोषणा की है. कैंडिड्टस के लिए पटना में 125 बसों को चलाया जाएगा. कैंडिडेट्स् के लिए बिहार के अंदर बस और दूसरी गाड़ियां भी चलाई जाएंगी.
इस संबंध में परिवहन सचिव ने सभी डीएम और सभी एसपी को निर्देश दिया है. साथ ही कहा है कि कैंडिडेट्स की सुविधा को देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम एवं निजी बस संचालकों से समन्वय स्थापित करते हुए पर्याप्त संख्या में बसों का परिचालन सुनिश्चित किया जा रहा है. इसके लिए जल्द ही निजी बस संचालकों एवं ऑटो चालकों के साथ मीटिंग की जाएगी.
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि पटना सभी सिटी बसें चलेंगी. बसों में सफर के दौरान कोविड-19 के प्रावधानों का पैसेंजर्स को पालन करना होगा. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सुरक्षा के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट की भी तैनाती.
Source : Live Cities






