नालंदा के जिला किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायधीश मानवेंद्र मिश्रा ने एक अनोखा फैसला सुनाया है जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. दरअसल, उनके न्यायालय में एक 16 वर्षीय आरोपी अपनी पीठ पर स्कूल बैग लेकर उपस्थित हुआ. जज मानवेंद्र मिश्रा ने उस किशोर से मुकदमे की जानकारी ली और पारिवारिक स्थिति के बारे में पुछा. कोर्ट में हाजिर हुए इस आरोपी ने फटे कपड़े पहने हुए थे.

आरोपी ने घटना की जानकारी देते हुए कोर्ट को बताया कि परिवार के साथ हुए झगड़े में वह शामिल नहीं था बल्कि वह तो झगड़े में लोगों को छुड़ाने गया था. इसी बीच झगड़े में दोनों पक्षों के बीच मारपीट और गाली गलौज होने लगी जिसके चलते उसके भाई को गंभीर चोट लगी. बीते 29 फरवरी 2020 को दोनों पक्ष की ओर से FIR दर्ज कराई गई थी जिसमें उसका भी नाम डाल दिया गया.

आरोपी ने बताया कि उसके माता-पिता मजदूरी करते हैं और वह गरीबी के कारण पढ़ाई नही कर पाता है इसलिए उसने गांव की मुख्य सड़क पर अंडा बेच कर पढ़ाई करने का सोचा. उसने बताया की Lockdown में पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ चुकी उसके पास Online पढ़ने की सुविधा नहीं थी.

किशोर आरोपी की मेहनत और लगन को देखते हुए उसके भविष्य के लिए प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्रा ने उसके खिलाफ लंबित मुकदमे को बंद करने का आदेश देते हुए किशोर के अभिभावक को निर्देश दिया कि इसकी उचित देखभाल की जाए. उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देश दिया कि इस बच्चे की देखभाल की योजना तैयार कर प्रस्तुत करें और जो बच्चे की मौलिक अधिकार है उसे पूरा किया जाए. उन्होंने इस आरोपी के जज्बे को देख इसकी पढ़ाई का खर्च उठाने का आस्वाशन भी दिया.
Source : Zee News






