नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत पटना के तर्ज पर मुजफ्फरपुर शहर में भी बूढ़ी गंडक किनारे के छठ घाट व नदी तट को डेवलप करने का काम शुरू कर दिया गया है। साढ़े 9 करोड़ की लागत से अखाड़ा घाट, सीढ़ी घाट व आश्रम घाट में 50-50 मीटर का घाट बनाने के साथ फुटपाथ, चेंजिंग रूम, बाथरूम, शौचालय व लाइटिंग का काम किया जाएगा। डेढ़ साल के अंदर तीनों का डेवलपमेंट करना है। इसके तहत सीढ़ी घाट को डेवलप करने के लिए पाइलिंग का काम शुरू हो गया है।
बुधवार को पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने मेयर सुरेश कुमार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य हरिओम कुमार के साथ नमामि गंगे प्रोजेक्ट का जायजा लिया। नगर निगम के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार सिन्हा भी इस दौरान मौजूद थे। पूर्व मंत्री ने कहा कि पूरे देश में केवल गंगा नदी के किनारे के इलाके को ही इसमें शामिल किया गया।
लेकिन, मुजफ्फरपुर पहला शहर है जो बूढ़ी गंडक किनारे होने के बावजूद नमामि गंगे प्रोजेक्ट का हिस्सा बना। पहले फेज में साढ़े 9 करोड़ की लागत से इन तीनों घाट का विकास होगा। आगे हमारा प्रयास है कि योजना के लिए 50 करोड़ की राशि और मिले।
डीएम के समक्ष उठा अखाड़ाघाट में नदी किनारे अतिक्रमण का मामला : डीएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत अखाड़ाघाट में डेवलपमेंट के दौरान झुग्गी-झोपड़ियों के अतिक्रमण का मामला उठा। नगर निगम के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट का विस्तार होने की स्थिति में आगे अतिक्रमण की वजह से परेशानी होगी। इस पर डीएम ने नगर निगम के अमीन से मापी कराकर अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया।
पीएम ने योजनाओं की रखी थी नींव
बता दें कि चुनाव के ठीक पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत मुजफ्फरपुर में इसकी नींव रखी थी। पटना की एजेंसी को तीनों घाट पर छठ घाट बनाने के साथ बाकी काम करने की भी जिम्मेवारी दी गई है। विभागीय अधिकारी का कहना है कि नदी तट की सुरक्षा भी योजना में शामिल है। सबसे पहले पाइलिंग का काम किया जा रहा है ताकि आगे चल कर स्ट्रक्चर नदी की धारा अथवा बाढ़ की वजह से प्रभावित नहीं हो।
Source : Dainik Bhaskar