बिहार चुनाव जैसे-जैसे परवान चढ़ रहा है आरोप प्रत्यारोप का दौर और तेज होता जा रहा है. इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil kumar modi) ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) के द्वारा नोमिनेशन में दिये गए हलफ़नामे को लेकर ज़ोरदार हमला बोला. सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी ने अपने सम्पत्ति के ब्योरे में बहुत कुछ छिपा लिया और उन्होंने ग़लत जानकारी दी है. सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी ने अपने हलफनामे में बताया है कि उन्होंने 4 करोड़ 10 लाख का ऋण किसी कम्पनी को दिया है. सवाल यह है कि इतने पैसे उनके पास आए कहां से?
सुशील मोदी ने कहा कि रघुनाथ झा और कांति सिंह से गिफ़्ट में मिली सम्पत्ति को खरीद की सम्पत्ति बतायी है. कांति सिंह ने पटना के चितकोहरा में G+2 मकान गिफ़्ट कर दी थी. गोपालगंज के दो मंज़िला मकान को एफ़िडेविट में केवल ग्राउंड फ़्लोर दिखाया गया है जो सम्पत्ति गिफ़्ट में मिली है जबकि एफिडेविट में इसे 2005 में ख़रीद किया गया बताया गया है.
सुशील मोदी ने पूछा कि आख़िर तेजस्वी में क्या योग्यता थी जिसके बलबूते वो करोडों के मालिक बन गए? सुशील मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद की ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा जेल में बीता है. तेजस्वी यादव को भी लम्बे समय तक जेल में रहना होगा.
बता दें कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने बुधवार को वैशाली के राघोपुर निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उन्होंने जो शपथ पत्र दिए हैं उसके अनुसार उनके पास कुल पांच करोड़ 88 लाख रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति है.
एफिडेविट के अनुसार तेजस्वी यादव के पास नकद एक लाख 20 हजार रुपये हैं, जबकि चल संपत्ति का बाजार मूल्य चार करोड़ 73 लाख 20 हजार 61 रुपये और अचल संपत्ति का कुल वर्तमान बाजार मूल्य एक करोड़ 15 लाख 70 हजार रुपये है.
तेजस्वी ने शपथपत्र में दिल्ली के आरकेपुरम स्थित डीपीएस स्कूल से नौवीं पास करने की जानकारी दी है और उनके पास कोई वाहन नहीं है. तेजस्वी ने अपने एफिडेविट में उनके उपर चल रहे 20 मुकदमों का जिक्र किया है. जिसमें सीबीआइ के अलावा कोविड काल के भी केस हैं.
Input: News18







