मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 17 फरवरी को हुए बस हादसे के बाद सीधी पहुंचे हुए थे। बस हादसे में मृत 52 लोगों के परिजनों से मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने सीधी सर्किट हाउस में एक रात बिताई। हालांकि, सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मच्छरों की वजह से नींद नहीं आई और वहां फैली अव्यवस्था को देखने के बाद अंत में सब-इंजीनियर को निलंबित कर दिया।

सर्किट हाउस में ठहरे शिवराज सिंह चौहान वहां फैली अव्यवस्था का खुद शिकार हो गए हैं। कमरे में मच्छर तो थे ही पानी की टंकी ओवर फ्लो हो रही थी जिले कोई बंद करने वाला नहीं था। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सर्किट हाउस की व्यवस्था राम भरोसे देखकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास भी लगाई।

शुक्रवार को निलंबन का आदेश जारी करते हुए रीवा संभागीय आयुक्त राजेश कुमार जैन ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के उप-इंजीनियर बाबूलाल गुप्ता को सर्किट हाउस में वीआईपी के रहने के बारे में बताया गया था, इसके बाद भी हमें खराब स्वस्छता, कुप्रबंधन और मच्छरों की शिकायत मिली। जैन ने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार सर्किट हाउस में व्यवस्थाएं नहीं मिली।

निलंबन आदेश में कहा कि गया है कि सब-इंजीनियर बाबूलाल गुप्ता ने जिला प्रशासन की छवि को धूमिल की और निर्देशों का पालन करने में विफल रहे। गुप्ता को मध्य प्रदेश सिविल सेवा अधिनियम 1966 के अनुसार अपने सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के लिए सस्पेंड किया जाता है।

वहीं, सब इंजीनियर के निलंबन को लेकर विपक्ष ने बीजेपी पर हमला बोला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि सीएम श्रद्धांजलि देने के लिए गए थे या फिर पर्यटन पर। सीधी में 52 लोगों की जान चली गई, लेकिन सीएम और जिला प्रशासन को मच्छरों और ओवर फ्लो पानी की टंकी को लेकर ज्यादा चिंतित हैं।

Input: Live Hindustan

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