25 सितंबर राजद अपने सहयोगी दलों के साथ कृषि विधेयक के विरोध बिहार करने में जुटी हुई है, वही दूसरी तरफ तेजस्वी ने सधे शब्दों में उपेन्द्र कुशवाहा को जबाव देते हुए कहा है, कि सीट शेयरिंग इतनी जल्दी क्यो है!
रालोसपा के पार्टी कार्यकर्ताओ के बीच उपेनद्र कुशवाहा ने तेजस्वी के नेतृत्व को अस्वीकराने का बात कहीं थी। जबाव में उपेंद्र कुशवाहा को तेजस्वी ने कहा कि हमे अपमानित करने वाले को भी हम सम्मान करते है। कुशवाहा जी उम्र में बड़े नेता हैं।

महागठबंधन में दरारें पड़ने का असल कारण सीट समीकरणों का हल नही होता बताया जा रहा है। वही इस विषय पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सीट शेयरिंग के मुद्दे पर इतनी जल्दीबाजी क्यों है? अभी किसी भी राजनीतिक दल ने अपना सीट शेयरिंग नही किया है, तो फिर हमारे खेमे को किस बात की जल्दबाजी है।
विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव की तैयारी पर तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के किसान, बेरोजागर सबसे अधिक चुनाव को लेकर तैयार है। तेजस्वी ने कहा कि नोटबंदी, सीएए पर लोकसभा और राज्यसभा में समर्थन किया। जब हमलोगों ने विरोध किया तो दबाव में आकर विरोध करने लगे। हर बार पलटी मारते हैं. किसानों और बेरोजगारों के साथ राजद मजबूती के साथ खड़ी है,
इसके कारण ही हमलोगों ने भारत बंद का विरोध किया।






