यूपी के बरेली से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही है. यहां पर बारादरी थाना इलाके की पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर एक शख्स ने गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि मास्क न लगाने पर पुलिस ने उसके साथ बेरहमी की और उसके हाथ-पैर में लोहे की कीलें ठोंक दीं. वहीं, एसएसपी सभी आरोपों को गलत बता रहे हैं. उनका कहना है कि शख्स किसी साजिश के तहत पुलिस पर ऐसे इलजाम लगा रहा है. एसएसपी ने बताया है कि यह व्यक्ति अपने खिलाफ लिखे गए मुकदमे से बचने के लिए ऐसा कर रहा है.
हे राम,
उत्तर प्रदेश पुलिस इतना क्रूर कैसे हो सकती है?क्या केवल मास्क न पहनने की ये सजा है?
बरेली की बर्बर पुलिस ने युवक के हाथ और पैर में कील ठोक दिया। pic.twitter.com/Jna3G1REuZ
— UP Congress (@INCUttarPradesh) May 26, 2021
आंख पर पट्टी बांध कील ठोंकने का आरोप
दरअसल, बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में रंजीत नाम का एक शख्स पहुंचा, जिसके हाथ-पैर में लोहे की कीलें ठुकी हुई थीं. रंजीत का आरोप है कि मास्क ना लगाने पर 24 मई को चौकी के सिपाहियों ने उसके साथ मारपीट की और फिर उसके हाथ और पैर में कील ठोंक दी. उसने ये भी कहा है कि जोगी नवादा चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे मारने के बाद उसकी आंख पर पट्टी बांधी और फिर ऐसा काम किया.

पुलिस का कहना- गुमराह करने की कोशिश कर रहा रंजीत
रंजीत अपने माता-पिता के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंचा था, जहां उसके हाथ और पैर में कील देख हर कोई हैरान रह गया. वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान का कहना है कि रंजीत के द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. वह बिना मास्क के घूम रहा था और रोकने पर पुलिसकर्मियों के साथ शराब के नशे में मारपीट और अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया. इतना ही नहीं, उसने सिपाही को जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गया. यही कारण था कि रंजीत के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 323, 504 506 332,353 188, 269, 270 के तहत केस दर्ज किया था. इसके बाद पुलिसा युवक के घर दबिश डालने गई थी, लेकिन वह घर पर भी नहीं था.

पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान का कहना है कि वह मंदिर में मूर्ति तोड़ने के मामले में पहले भी जेल जा चुका है. अब मास्क न लगाने और नशे की हालत में पुलिस से बद्तमीजी करने के मामले में उसपर केस हुआ. इसलिए वह पुलिस के खिलाफ षडयंत्र रचने की कोशिश कर रहा है, ताकि गिरफ्तारी से बच सके. एसएसपी का कहना है कि पूरे मामले की जांच करा ली गई है, जिसमें पुलिस द्वारा दुर्व्यवाहार की पुष्टि नहीं हुई है
फिलहाल, इस मामले में पुलिस आरोपों को निराधार बताते हुए रंजीत पर ही सवाल खड़े कर रही है. तो वहीं, रंजीत पुलिस पर आरोप लगा रहा है. फिलहाल, रंजीत को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले में गहराई से जांच की जा रही है.
Input: zee media






