बिहार विधानसभा चुनाव के बीच टिकट देने में हेर-फेर का खेल जारी है. दरअसल मुजफ्फरपुर के मीनापुर विधानसभा में जेडीयू उम्मीदवार का विरोध हुआ तो उन्होंने सिंबल लौटाने का फैसला कर लिया. विरोध के बीच जेडीयू ने मीनापुर में अपना उम्मीदवार को बदल दिया है. इस पर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि मनोज कुशवाहा पार्टी के सम्मानित नेता हैं. उनको टिकट देने में गलती हुई है. लिहाजा अब पार्टी सही उम्मीदवार को टिकट दे रही है.
मनोज कुशवाहा आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमारा से मुलाकात कर अपना सिंबल वापस करेंगे. इस मसले पर मनोज कुशवाहा ने कहा कि टिकट मिलने पर जब मीनापुर पहुंच कर उन्होंने जमीन की सच्चाई देखी तो उनके होश उड़ गए. क्षेत्र में ना केवल बीजेपी के कार्यकर्ता उनके विरोध कर रहे हैं बल्कि जेडीयू के भी उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के अंदर विरोध है, जो वहां से टिकट चाहते थे. मनोज कुशवाहा ने कहा कि वह कुढ़नी विधानसभा सीट से सिंबल चाहते थे लेकिन बीजेपी की सीटिंग सीट होने के कारण वहां से पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया. लेकिन अब मुझे पता चला कि वहां एनडीए एकजुट नहीं है.
बता दें कि मनोज कुशवाहा 2015 के विधानसभा चुनाव में कुढ़नी सीट से जदयू के उम्मीदवार थे लेकिन उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार केदार प्रसाद गुप्ता से हार का मुंह देखना पड़ा था. उस समय जेडीयू महागठबंधन का हिस्सा थी. लेकिन अब सीटिंग सीट होने के कारण कुढ़नी विधानसभा सीट बीजेपी के पाले में चली गई है. ऐसे में मनोज कुशवाहा को मीनापुर सीट से चुनाव लड़ने के लिए भेजा गया. लेकिन अब कुशवाहा ने चुनाव लड़ने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए हैं. मनोज कुशवाहा ने कहा कि अब कुढ़नी की जनता के निर्देश पर वह तय करेंगे कि निर्दलीय चुनाव लड़ा जाए या नहीं.
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