ऐसा विकास किस काम का जो शहरवासियों का जीना मुहाल कर दे। लेप्रोसी मिशन चौक से खादी भंडार-गौशाला रोड-हाथी चौक तक हो रहे सड़क एवं नाला निर्माण कार्य ने लोगों का चैन छीन लिया है। नाला निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी व कीचड़ को सड़क पर ही फैलाकर छोड़ दिया गया है। इससे पूरा इलाका धूल के गुबार से घिरा है। एक भी वाहन गुजरने पर पूरा इलाका धूल में छिप जाता है। इससे न सिर्फ राहगीर बल्कि आसपास के लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। जिनको सांस की बीमारी है उनकी जान पर बन आई है।

संवेदक काम के नाम पर मनमानी कर रहा है। लोगों की शिकायत के बाद भी न तो सड़क पर जमा मिट्टी को हटवाई जा रही और न ही पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। इससे परेशानी झेल रहे लोगों में आक्रोश है। वे कभी भी सड़क पर उतर आंदोलन कर सकते हैं।

स्थानीय निवासी नीरज कुमार ने कहा कि संवेदक ने निर्माण कार्य के नाम पर पूरे इलाके को धूल का गुबार बना दिया है। अन्य इलाकों में भी विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन वहां ऐसी स्थिति नहीं है। पथ निर्माण विभाग के अभियंता भी मौन हैं। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में लेप्रोसी मिशन चौक से खादी भंडार चौक तक दक्षिण दिशा में करीब एक किलोमीटर छह से सात फीट सोलिग को उखाड़ कर पिछले तीन महीने से छोड़ दिया गया है। शहर में प्रवेश का प्रमुख मार्ग होने से बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरते हैं।

सोलिग उखाड़ कर छोड़ देने से आए दिन दुर्घटना हो रही है। निर्माण कार्य जवाहरलाल रोड से शुरू हुआ और सोलिग उखाड़ने का कार्य लेप्रोसी मिशन से। लोगों ने कहा कि यथाशीघ्र नाला निर्माण कार्य संपादित हो ताकि आम जनता दुर्घटनाग्रस्त न हो सके। समाजसेवी आलोक वर्मा ने कहा कि पथ निर्माण मंत्री एवं प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त व कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग को स्थिति से अवगत कराएंगे।
Input: Dainik Jagran




