कोरोना के बढ़ते खतरा को देखते हुए सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में आम लोगों के प्रवेश पर लोग लगा दी गई है। हमेशा खुला रहने वाला कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया है। आम लोग वहां प्रवेश नहीं कर सके इसके लिए वहां एक गार्ड को तैनात कर दिया गया है। वहां अब सिर्फ कार्यालयकर्मी को ही प्रवेश मिलेगा है। सिविल सर्जन के आदेश तक कार्यालय के मुख्य द्वार और आसपास दीवारों पर आम लोगों के लिए प्रवेश वर्जित का पोस्टर चिपकाया गया है।

साथ ही दूसरा पोस्टर मास्क पहनकर ही अस्पताल परिसर में प्रवेश करने का लगाया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है ऐसे में सतर्कता ही बचाव है। उन्होंने बताया कि पिछले साल सिविल सर्जन, एसीएमओ समेत सदर अस्पताल के अधिकांश अधिकारी और चिकित्सक कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। इसलिए एहतियात बरती जा रही है।

सदर अस्पताल में पांच कर्मी हैं पॉजिटिव

अधिकारियों के अनुसार सदर अस्पताल के विभिन्न कार्यालय के पांच कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसमें एक कार्यालय के प्रधान लिपिक भी चपेट में हैं। उसके अलावे 500 के करीब हर दिन इलाज कराने ओपीडी में मरीज पहुंचते हैं। सदर अस्पताल परिसर में ही टीकाकरण केंद्र बनाया गया है जिस कारण हमेशा सदर अस्पताल में लोगों की भीड़ लगी रहती है। संक्रमण फैलने का खतरा यहां अधिक है।

Input: Dainik Jagran

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